भुगतान न होने से परेशान गन्ना किसानों के लिए अच्छी खबर है। जिले की एलएच शुगर मिल और गुलरिया मिल ने सीजन का पहला भुगतान कर दिया है। एलएच मिल ने 15 दिसंबर तक खरीदे गए गन्ने का 230 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 46.97 करोड़ रुपया समिति के माध्यम से किसानों के खातों में भेज दिया है।
गन्ना सीजन को शुरू हुए करीब डेढ़ माह हो चुका है लेकिन सरकार से रेट निर्धारण न होने के कारण किसानों को भुगतान नहीं हो पा रहा था। पिछले दिनों अमर उजाला ने 22 दिसंबर के अंक में इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर का संज्ञान लेकर डीएम मासूम अली सरवर ने गन्ना व मिल अधिकारियों की बैठक लेकर भुगतान के आदेश दिए थे। इसके बाद शुगर मिलों ने भुगतान की तैयारी शुरू की। भुगतान में अग्रणी रहते हुए शहर स्थित एलएच शुगर फैक्ट्री ने 15 दिसंबर तक खरीदे गए गन्ने का 230 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 46.97 करोड़ रुपये भुगतान कर समितियों के माध्यम से गन्ना किसानों के खातों में भेज दिया हैै।
एलएच मिल के महाप्रबंधक (गन्ना) जेएस जादौन ने बताया कि गन्ना मूल्य निर्धारण न होने के कारण किसानों को राहत देने के लिए एडवांस के रूप में 230 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से भुगतान किया गया है। आगे भी भुगतान जारी रहेगा। रेट का निर्धारण होने पर अंतर मूल्य का भुगतान किया जाएगा।
पूरनपुर। सहकारी गन्ना समिति क्षेत्र का गन्ना पूरनपुर चीनी मिल के अलावा पीलीभीत, बरखेड़ा, मकसूदापुर, पलिया, गुलरिया, संपूर्णानगर चीनी मिलें गन्ना खरीदती हैं। पिछले सत्र का बरखेड़ा मिल पर 2.38 करोड़ रुपये, मकसूदापुर मिल पर 53.42 लाख और पलिया मिल पर 77.29 लाख रुपये बकाया है। समिति सचिव सौवीर सिंह ने बताया कि एलएच और गुलरिया चीनी मिल ने 15 दिसंबर तक मिल क्षेत्र से खरीदे गए गन्ने का क्रमश: 4.10 करोड़ व 1.92 करोड़ रुपये भुगतान किसानों के खातों में भेजा है।