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आढ़तों पर हाथ से ही बता रहे धान में नमी

Fri, 16 Oct 2015 06:40 PM IST
Pilibhit
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धान लेकर मंडी आ रहे किसानों को अधिक नमी बताकर फसल का पूरा दाम नहीं दिया जा रहा है लेकिन नमी की माप किसी यंत्र ने कर व्यापारी अपने हाथ से अंदाजा लगाकर ही कर रहे हैं। इससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं सरकारी केंद्रों पर नमी मापक शोपीस बने हुए हैं।
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धान खरीद के लिए शासन ने नमी के लिए 17 प्रतिशत का मानक निर्धारित किया है। इसकी माप के लिए सरकारी क्रय केंद्रों को नमी मापक यंत्र उपलब्ध कराए गए हैं लेकिन अधिकांश यंत्र खराब पड़े हैं। इससे मंडी पहुंचने वाले धान की सही माप नहीं हो पा रही है। आढ़तों के आगे लगी ढेरियों पर पहुंचकर व्यापारी अपने तरीके से नमी बता रहे हैं। ढेर के अंदर हाथ डालकर मुठ्ठी भर धान निकालते हैं और उसे हथेली से रगकर नमी का अंदाजा लगा लेते हैं। सही नाप न होने के कारण किसानों को उनकी फसल का सही दाम नहीं मिल पा रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि अधिकारी भी इस कमी को बखूबी जानते हैं लेकिन अब तक इस दिशा में कोई प्रयास नहीं किए गए हैं। आढ़तों पर धान में नमी मापने का यह अनोखा तरीका वर्षों से चला रहा है और मजबूर किसान लूटने को विवश है।

मजबूर होता है किसान
धान में नमी मापने की कोई व्यवस्था आढ़तों पर नहीं है। काफी सूखा धान होने के बाद भी हमारे धान में 23 प्रतिशत नमी बताई गई है जिसका मात्र 880 रुपये प्रति क्विंटल का रेट मिला है।
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दयाल सिंह, मथना जप्ती

आढ़तों पर भी हो व्यवस्था
सर्वाधिक किसान अपना धान आढ़तों पर ही बेचते हैं लेकिन आढ़तों पर नमी मापने की कोई व्यवस्था नहीं है। प्रशासन को आढ़तों पर नमी मापक यंत्र की व्यवस्था अनिवार्य करानी चाहिए।
शैलेंद्र सिंह, बंजरिया

केंद्रों पर की गई है व्यवस्था
मंडी परिसर में नौ सरकारी केंद्र खुले हैं। सभी पर नमी मापक यंत्र मौजूद हैं। किसान चाहे तो अपने धान का नमूना ले जाकर नमी की जानकारी कर सकते हैं। आढ़तों पर व्यापारी अपने स्तर से व्यवस्था कर सकते हैं।
मनीष सिंह, मंडी सचिव


आरएमओ ने किया धान
क्रय केंद्रों का निरीक्षण
पीलीभीत। क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी ने पीलीभीत और पूरनपुर की मंडी सहित जिले में लगे सरकारी क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने मंडी के केंद्र प्रभारियों ने प्रतिदिन कम से कम 50 ढेरियों की जांच करने व खरीद तेज करने के निर्देश दिए।
आरएमओ राममूर्ति पांडे दोपहर को अचानक मंडी पहुंचे। यहां उन्होंने डिप्टी आरएमओ संजय यादव और मंडी सचिव मनीष सिंह के साथ सरकारी क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मंडी में लगी धान ढेरियों की नमी भी चेक कराई लगभग आठ ढेरियों की जांच में उन्हें 21 से 24 प्रतिशत तक नमी मिली। उन्होंने किसानों से धान सूखाकर लाने की अपील की। निरीक्षण के दौरान एफआईआई और आरएफसी केंद्रों पर व्यवस्थाएं ठीक मिलीं लेकिन पीसीएफ, यूपीएसएस व एग्रो आदि पर व्यवस्थाएं ठीक न मिलने पर उन्होंने केंद्र प्रभारियों की फटकार लगाई और सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने सभी केंद्र प्रभारियों से प्रतिदिन कम से 50 ढेरियों की जांच करने और जिनमें नमी ठीक हो उनकी खरीद करने के निर्देश दिए। पीलीभीत के बाद उन्होंने पूरनपुर मंडी पहुंचकर व्यवस्थाएं देखीं। साथ ही क्षेत्र में लगे कई क्रय केंद्र भी देखें।

आरएफसी के आने की थी सूचना
मंडी में सुबह आरएफसी दिग्विजय सिंह के आने की सूचना थी। इस पर सुबह से ही सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त थीं। यहीं कारण था कि आरएमओ को निरीक्षण में व्यवस्थाएं ठीक मिलीं।
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