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शाम होते ही छावनी बन गया शहर

Sun, 11 Dec 2016 11:01 PM IST
ब्यूरो /पीलीभीत
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शाम होते ही छावनी बन गया शहर
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हशमत नगर से निकाले जाने वाले जुलूस ए मोहम्मदी की सुरक्षा को लेकर पूरे दिन पुलिस-प्रशासनिक अमले में हलचल रही। अधिकारी दोनों मौलानाओं से जानकारी करने में जुटे रहे। ड्रोन कैमरे की मदद से छतों पर नजर रखी गई। फोर्स की ब्रीफिंग के बाद आरआरएफ की टुकड़ी के साथ पुलिस बल ने जुलूस के रूट पर फ्लैग मार्च भी निकाला। देर शाम छह बजे से बनाए गए प्वाइंटों पर पुलिस बल तैनात कर दी गई। खुराफातियों की निगेहबानी के लिए खुफिया तंत्र भी सक्रिय रहा। सुबह से ही पुलिस अधिकारी सुरक्षा तैयारियों को लेकर पूरा करने में लगे रहे। सीओ सिटी अनुराग दर्शन, कोतवाल इंद्र सिंह, योगेंद्र शर्मा ने पुलिस बल के साथ क्षेत्र में चिह्नित किए गए प्वाइंटों पर बैरीकेडिंग कराई। इसके बाद जुलूस के रास्तों पर ड्रोन कैमरे की मदद से छतों पर रखे सामान चेक किये गए। इधर प्रशासनिक अमला भी जुटा रहा। अधिकारी आस्ताने हशमतिया के सज्जादानशीं मौलाना जरताब रजा खां व दरगाह अल्लाहू मियां के सज्जादानशीं मौलाना हसन मियां कदीरी से संपर्क में जुटे रहे। किसी तरह की विवाद की स्थिति न बने, इसके लिए खासी सतर्कता बरती गई। दोपहर में पुलिस लाइन में डीएम मासूम अली सरवर, एसपी सभाराज, एडीएम एके सैनी, एएसपी डॉ.रासुरेश यादव आदि अधिकारियों ने जिले व बाहर से आए पुलिस, पीएसी व आरआरएफ के जवानों को ब्रीफ किया। इसके बाद जुलूस के रूट पर फ्लैग मार्च निकाला गया। शाम छह बजे से प्वाइंटों पर फोर्स की तैनाती की गई। शांति व्यवस्था को बनाए गए पुलिस मित्रों को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए। तमाम पुलिस वालों को सादे कपड़ों में भी नजर रखने को लगाय गया।
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हसनमियां ने जलसा न करने का किया ऐलान
दरगाह अल्लाहू मियां के सज्जादानशीं मौलाना हसनमियां कदीरी ने रविवार दोपहर कहा कि वह जलसा नहीं करेंगे। हालांकि उनके इस निर्णय के बाद प्रशासन ने खासी राहत महसूस की। हसनमियां कदीरी ने अमर उजाला को बताया कि दो-तीन साल से शासन प्रशासन उनके व उनके समर्थकों के साथ नाइंसाफी कर रहा है। उन्हें न तो जुलूस में शामिल होने दिया जा रहा है और न ही अलग से जुलूस निकालने की इजाजत दी जा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले साल अधिकारियों ने उनसे अलग से जुलूस निकालने की बात कही थी। जो बाद में झूठ साबित हुई। प्रशासन ने उनके निहत्थे लोगों पर गोली, लाठी चलाई। इस लिए प्रशासन की जलसे की अनुमति की बात पर भी यकीन नहीं किया जा सकता। हसनमियां ने कहा कि हो सकता है कि प्रशासन की इसमें भी कोई चाल हो। इस लिए उन्होंने जलसा न करने का निर्णय लिया है। रविवार रात आस्ताने कदीरिया उस्मानिया में सिर्फ लंगर पूरी रात जारी रहेगा और इस दौरान मुल्क कौम की तरक्की के साथ आपसी भाईचारा बनाए रखने की सभी दुआ फरमाएंगे।
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