जिले में सरकारी गेहूं खरीद शुरू हो गई है। शनिवार को डीएम ओएन सिंह ने
मंडी में खुले आरएफसी के क्रय केंद्र का उद्घाटन किया। पहले दिन गेहूं की
खरीद निल रही। किसानों को आढ़तों पर ही गेहूं बेचना पड़ रहा है।
गेहूं
खरीद के लिए जिले में विभिन्न एजेंसियों के 134 क्रय केंद्र खोले गए। इनमें
पहले दो अप्रैल से खरीद होना थी लेकिन दो दिन की छुट्टी के चलते खरीद चार
अप्रैल से कराए जाने के निर्देश शासन से मिले थे। शनिवार को डीएम 12 बजे
मंडी पहुंचे और यहां खाद्य एवं विपणन विभाग की ओर से लगे क्रय केंद्र का
शुभारंभ किया। उद्घाटन के बाद उन्होंने क्रय केंद्र पर पहुंचे गेहूं को भी
देखा और अधिकारियों से इसकी जानकारी ली। जिसपर डिप्टी आरएमओ ईश्वर चंद्र
गुप्ता ने उन्हें बताया कि बारिश के कारण गेहूं काफी गीला और मानक में न
होने के कारण खरीद नहीं हो सकती। गेहूं क्रय केंद्र के उद्घाटन के बाद डीएम
ने मंडी कार्यालय पहुंचकर सचिव मनीष सिंह ने आढ़तों पर आने वाले गेहूं की
नीलामी प्रक्रिया के तहत बोली लगवाने के निर्देश दिए साथ ही किसानों की
सुविधाओं का ध्यान रखने के निर्देश दिए।
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शासन से घटाया गेहूं खरीद का लक्ष्य
जिले
में गेहूं की फसल खराब होने के बाद शासन ने इस बार मात्र 1.32 लाख मीट्रिक
टन गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया था। अब शासन ने इस लक्ष्य को घटाकर 1.30 लाख
मीट्रिक टन कर दिया है।
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नहीं हुए क्रय केंद्रों के हैंडलिंग ठेके
क्रय
केंद्रों पर खरीद व्यवस्था का दरोमदार अपरोक्ष रूप से हैंडलिंग ठेकेदार पर
ही रहता है। इसके लिए क्रय केंद्र स्थापित करने से पहले ठेकेदार नियुक्त
किए जाने चाहिए थे लेकिन अभी यूपीएसएफसी सहित कई एजेंसियों ने अपने ठेकेदार
तक नियुक्त नहीं किए हैं।
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शिकायत निस्तारण में देरी पर मिलेगी प्रतिकूल प्रविष्टि
पीलीभीत। डीएम ने अधिकारियों की बैठक लेकर कर करेत्तर की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने वसूली लक्ष्य पूरा न करने वाले विभागों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। डीएम ने मुख्यमंत्री संदर्भ की लंबित शिकायतों का निस्तारण तीन दिन में न करने वाले अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि दिए जाने की चेतावनी दी।
गांधी सभागार में आयोजित बैठक में डीएम ओएन सिंह ने सबसे पहले मुख्यमंत्री संदर्भ की शिकायतों की जानकारी ली। इसमें एएसपी के सात, सीएमओ व पीडब्ल्यूडी के दो-दो, विद्युत विभाग, डीपीआरओ और पीलीभीत पालिका के चार-चार मामले लंबित हैं। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए डीएम ने तीन दिन में निस्तारण न होने पर संबंधित के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि की चेतावनी दी। इसके बाद राजस्व वसूली की समीक्षा में अच्छा काम करने पर एसडीएम व तहसीलदारों की सराहना की वहीं मंडी, वाणिज्य व अन्य विभागों की वसूली कम होने पर सुधार की चेतावनी दी। बैठक के दौरान डीएम ने किसानों को फसल की बर्बादी से राहत दिलाने के लिए कृषि एवं बैंक अधिकारियों से किसानों की फसलों का शतप्रतिशत बीमा कराने के निर्देश दिए ताकि भविष्य में किसी भी नुकसान से उन्हें मुआवजा दिलाया जा सके। बैठक में एडीएम आलोक सिंह, एएसपी सुधीर कुमार सिंह, सीडीओ इंद्रदेव द्विवेदी, सभी एसडीएम, उपनिदेशक कृषि एके सिंह, सीएमओ डॉ. ओम चौहान, डीपीआरओ वीपी सक्सेना, डीएफओ आदर्श कुमार, डीआईओएस जेके वर्मा, एलडीएम केडी नौटियाल सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।