जांच में पाया गया था खतरनाक कृत्रिम रंग
मौके पर करीब 100 किलोग्राम रंगीन कचरी मौजूद थी। संदेह के आधार पर कचरी का नमूना भरा गया। इसे नियमानुसार प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया। जांच रिपोर्ट में कचरी में नॉन परमिटेबल सिंथेटिक कलर रोड़ामाइन बी का प्रयोग होना पाया गया। जिससे कचरी मानव उपभोग के लिए हानिकारक बताई गई।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने न्यायालय में राजेश के विरुद्ध परिवाद दायर किया। मामले की सुनवाई के बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आरोपी राजेश को दोषी मानते हुए छह महीने के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर एक लाख पचास हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।