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Pilibhit News: कैंसर का सबब बनने वाले रंग से बनाई कचरी, कारोबारी को छह माह कैद की सजा

Tue, 28 Jul 2026 05:11 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत

सार

पीलीभीत में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कचरी बनाने में घातक कृत्रिम रंग का प्रयोग करने पर कारोबारी को छह माह साधारण कारावास की सजा सुनाई है। उस पर डेढ़ लाख रुपये का अर्थ दंड भी लगाया गया है। अर्थ दंड न देने पर डेढ़ माह अतिरिक्त कारावास होगा। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पीलीभीत में कचरी में घातक कृत्रिम रंग का प्रयोग करने पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुंदर पाल ने दोषी कारोबारी राजेश को छह माह साधारण कारावास और डेढ़ लाख रुपये अर्थ दंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर व्यापारी को डेढ़ माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। 

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न्यायालय ने पारित आदेश में अंकित किया है कि दोषसिद्ध व्यापारी ने कचरी जैसी खाद्य वस्तु में नॉन परमिटेबल सिंथेटिक कलर का मिश्रण किया है। जिसके उपभोग से कैंसर जैसी बीमारी होने की संभावना है। यह रंग मानव के यकृत एवं गुर्दों को प्रभावित करता है। असुरक्षित खाद्य पदार्थ के उपभोग से मानव स्वास्थ्य को हानि पहुंचती है। मानव जीवन संकट में आ जाता है। 

अभियोजन के अनुसार 11 मार्च 2019 को दोपहर 12:30 बजे थाना सुनगढ़ी क्षेत्र के ग्राम गायबोझ स्थित कचरी निर्माण इकाई का खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने निरीक्षण किया था। मौके पर कारोबार संचालित करने वाले व्यक्ति ने अपना राजेश बताया। निरीक्षण के दौरान रंगीन कचरी मानव उपभोग एवं सार्वजनिक बिक्री हेतु रखी हुई पाई गई।

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जांच में पाया गया था खतरनाक कृत्रिम रंग 
मौके पर करीब 100 किलोग्राम रंगीन कचरी मौजूद थी। संदेह के आधार पर कचरी का नमूना भरा गया। इसे नियमानुसार प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया। जांच रिपोर्ट में कचरी में नॉन परमिटेबल सिंथेटिक कलर रोड़ामाइन बी का प्रयोग होना पाया गया। जिससे कचरी मानव उपभोग के लिए हानिकारक बताई गई। 

खाद्य सुरक्षा विभाग ने न्यायालय में राजेश के विरुद्ध परिवाद दायर किया। मामले की सुनवाई के बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आरोपी राजेश को दोषी मानते हुए छह महीने के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर एक लाख पचास हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
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