शहर की दुकान पर रखी दालें स्रोत : व्यापारी
पीलीभीत। कृषि अवसंरचना व अन्य शुल्क लगने से सफेद मटर की दाल की कीमतोें में उछाल आया है। यह दाल प्रति क्विंटल करीब 600 रुपये महंगी हो गई। सबसे सस्ती मानी जाने वाली मटर दाल के दामों में बढ़ोतरी का असर अन्य दालों पर भी पड़ेगा। व्यापारियों के मुताबिक चने की कीमतों में उछाल आया है। दाल के भाव में बढ़ोतरी से आम आदमी की जेब पर असर पड़ेगा।
दाल व्यापारी/ भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि सफेद मटर की कीमत सबसे कम रहती है। चने की यह दाल 38 से 39 रुपये प्रति किलो तक बिकती है। अब इस पर कृषि अवसंरचना व अन्य शुल्क ड्यूटी बढ़ा दी है जोकि एक नवंबर से प्रभावी होगी। इसकी सूचना भी जारी हो चुकी है। ड्यूटी लगने से दाल की कीमत प्रति क्विंटल करीब 4400 रुपये तक पहुंच गई है। इससे पहले 38 सौ रुपये में बिकती थी। सबसे सस्ती कही जाने वाली यह दाल केंद्र सरकार की ओर से भारत दाल के नाम से दी जाती है।
चने की कीमत में उछाल, अन्य दालों पर भी पड़ सकता असर
दाल व्यापारियों का कहना है कि मटर दाल के महंगे होने का असर अन्य दालों की कीमतों पर भी पड़ सकता है। एक नवंबर के बाद इसका असर दिखेगा। उधर, बृहस्पतिवार को चने की कीमत में भी करीब 150 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी दर्ज की गई। अभिषेक अग्रवाल ने बताया बताया कि जिले में अरहर की दाल की कीमतों में कोई इजाफा नहीं हुआ है। पिछले कई माह से कीमतें स्थिर हैं। अरहर की दाल पुराने दामों पर ही बिक रही है।