पूरनपुर। मनरेगा के तहत 28 गांवों में खेल मैदान विकसित किए गए, लेकिन खिलाड़ी इनमें खेल पाते इससे पहले ही देखरेख के अभाव में बदहाल हो गए। इनमें ऊंची-ऊंची झाड़ियां उग आई हैं। हाल यह है कि जिला मुख्यालय पर अधिकारी खेलने पर जोर दे रहे हैं लेकिन खेल मैदान की तरफ किसी का ध्यान नहीं है।
खेलो इंडिया, खेलेगा भारत-जीतेगा भारत और फिट इंडिया सहित कई योजनाएं युवाओं को खेलों में अवसर देने के लिए चलाईं गई हैं। खेल मैदानों के अभाव में यह योजनाएं फलीभूत नहीं हो पा रही हैं। क्रिकेट, फुटबॉल, कुश्ती और भाला फेंक आदि खेलों में देश आए दिन कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। खिलाड़ियों से प्रेरित होकर गांवों के युवा भी कुछ कर गुजरने की हसरत रखते हैं लेकिन दमखम दिखाने के लिए खेल मैदानों का अभाव उनका हौसला तोड़ रहा है।
मनरेगा योजना के तहत पूरनपुर ब्लॉक की 28 ग्राम पंचायतों में पांच साल पहले ग्रामीण युवाओं के खेलने के लिए मैदान बनाए गए थे। मैदानों में झूले लगाए गए और वॉलीबॉल किट भी दी गई थी। मैदान मिलने के बाद युवाओं की भीड़ भी इनमें जुटने लगी। यहां क्रिकेट, वॉलीबॉल के अलावा कबड्डी आदि खेल होने लगे, लेकिन देखरेख के अभाव में कुछ महीनों बाद है इन मैदानों में घास और झाड़ियां उग आईं। कुछ स्थानों पर खेल मैदानों पर अतिक्रमण कर लिया गया। ग्राम प्रधान या विकास विभाग के किसी भी अधिकारी ने इन मैदानों को फिर से तैयार करने की जहमत नहीं उठाई।
ग्राम पंचायतों में खेल मैदान तैयार करने के साथ ही 10 सदस्यीय युवक मंगल दल भी तैयार किए गए थे। मंगल दल के सदस्य इन मैदानोंं पर खेलने के साथ ही शासन की ओर से होने वाली खेलकूद प्रतियोगिताओं में भी बढ़-चढ़कर हिस्सेदारी करते थे। मैदान न होने से मंगल दल भी निष्क्रिय हो गए हैं। उनके साथ अन्य युवा भी निराश हैं।
वर्जन
बहुत पहले मनरेगा के तहत खेल मैदान बनाए गए थे। पूरनपुर में हाल में ही ज्वाइन किया है। खेल मैदानों की स्थिति को दिखवाया जाएगा। इन्हें फिर से सही कराकर खेलों को करवाया जाएगा- अरुण सिंह, खंड विकास अधिकारी
नवनिर्मित महिला अस्पताल के गेट के समीप लगा रहता है कूड़े का ढेर
फोटो ०७ पीबीटीपी ३६
संवाद न्यूज एजेंसी
पूरनपुर। सीओ कार्यालय के समीप नवनिर्मित महिला अस्पताल गेट के बाहर कूड़े का ढेर लगा रहता है। इससे बदबू और गंदगी से रास्ते में आवागमन करने वालों को असुविधा होती है। दूसरे भवन में संचालित महिला अस्पताल का कूड़ा भी सड़क किनारे फेंका जा रहा है।
कस्बे के ब्लॉक रोड पर पुराने महिला अस्पताल के पास ही 50 शैय्या युक्त महिला अस्पताल का भवन बनाया गया है। करीब एक साल से बनकर तैयार हुए भवन को अभी स्वास्थ्य विभाग के हैंडओवर नहीं हुआ है। अस्पताल शुरू होने का लोग इंतजार कर रहे है। इस नवनिर्मित अस्पताल भवन के मुख्य गेट पर कूड़े का ढेर लगा रहता है। दूसरे भेवेन में चल रहे महिला अस्पताल और अस्पताल की कॉलोनी से निकालने वाला कूड़ा भी सड़क किनारे डाला जा रहा है। कूड़े के ढेर पर अक्सरे आवारा पशु घूमते रहते है। गंदगी को लेकर आसपास के लोगों और राहगीरों में रोष है।
कम बारिश से फफूद जनित रोगों से धान की फसल में राहत
फोटो ०७ पीबीटीपी ३७
संवाद न्यूज एजेंसी
पूरनपुर। बारिश कम होने से किसने के धान की लागत बढ़ गई है। खेतों में नमी कम है। इससे फफूद जनित सडऩ गलन के रोगों का प्रकोप भी कम है। अधिकांश किसान बगैर बीमारी लगे ही खेतों में कीटनाशक का छिड़काव करा रहे हैं।
बारिश कम होने से किसानों को धान की फसल में इस बार सिंचाई अधिक करनी पड़ी। सिंचाई कर किसान फसल को पकबार तक ले आए। धान की फसल अब फूल पर है। अधिक बरसात न होने से धान के पौधों की जड़ के पास अधिक नमी के चलते फफूंद जनित रोग सडऩ, गलन, शीथ बलास्ट और भुनका आदि का प्रकोप इस बार नहीं है। इससे फफूंद से होने वाली बीमारियों से किसानों को राहत मिली है। इसके बाद भी अधिकांश किसान बगैर जानकारी के खेतों में कीटनाशक का छिड़काव कर रहे है।
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नमी कम होने से इस बार धान की फसल फंगस से बची हुई है। इससे किसानों की लागत घटेगी। सुंडी का प्रकोप कहीं कहीं बना हुआ है।
शैलेंद्र सिंह ढाका, वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक
अधखाया बछड़े का शव खींच ले गया बाघ, पकडऩे को लगाया पिंजरा
बाघ की दहशत से गांवों के बाहर लगाई खाबर
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संवाद न्यूज एजेंसी
पूरनपुर। मटेहना कॉलोनी छह के समीप शिकार कर बछड़ा को मारने वाला बाघ दूसरे दिेन अपने अधखाए शिकार के समीप फिर पहुंचा। बाध बछड़ा का अधखाया शव खींच ले गया। इसके निशान निगरानी में लगी टीम को मिले। बृहस्पतिवार को डीएफओ नवीन खंडेलवाल, माला एसडीओ दिलीप तिवारी, एसडीओ वन एवं वन्य जीव प्रभाग अंजनी कुमार, एसडीओ पीटीआर मयंक पांडये, ट्रेंकुलाइजर डॉ. दक्ष पहुंचे। बाघ को पकडऩे को अब नहर पटरी के समीप पिंजरा लगाया गया है। आबादी में बाघ न घुसे इसको लेकर गांवों के बाहर खाबर (जाल) लगाया गया है।
हरदोई ब्रांच नहर पटरी के किनारे करीब दो महीने से बाघ चहल कदमी कर रहा है। डेढ़ महीने पहले उसे पकडऩे को नहर पटरी और १३ मील के समीप पिंजरा लगाया गया था। तब बाघ ने अपना स्थान बदल लिया। सोमवार रात बाघ ने मटहैना गांव के पास जंगली सुअर को निवाला बनाया। मंगलवार की रात मटेहना कॉलोनी नंबर छह निवासी किसान हरेंद्र के पालतू बछड़े को मार डाला था। बुधवार रात को बाघ अपने किए गए शिकार बछड़े के शव के पास पहुंचा और उसे नहर पटरी की ओर खींच ले गया। बृहस्पतिवार को प्रभागीय वनाधिकारी और अन्य वन विभाग के अफसर गांव मटेहना के समीप पहुंचे। बाघ आबादी में न पहुंचे। इसके लिए मटहैना कॉलोनी नंबर छह और 11 के बाहर वन विभाग की ओर से खाबर (जाल) लगाया गया है। हरदोई ब्रांच नहर के किनारे झाडय़िों में बाघ को पकडऩे के लिए पिंजरा लगाया गया। बाघ की चहल कदमी को लेकर लोग दहशत में है।
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बाघ की निगरानी के लिए लगवाए गए चार कैमरे
वन विभाग की टीम ने बाघ को पकडऩे की पूरी तैयारी कर ली है। उसकी चहलकदमी पर नजर बनाए रखने के लिए गांव के समीप नहर किनारे तक चार सीसीटीवी कैमरे लगाए है।े डीएफओ नवीन खंडेलवाल ने बताया की कैमरे से बाघ की पहचान और लोकेशन दोनों पता चल सकेंगी। जिससे उसे पकडऩे में मदद मिलेगी। जल्द ही बाघ को पकडवाया जाएगा।
मदरसा शिक्षकों में मानदेय न मिलने से रोष
पूरनपुर। मदरसा आधुनिकरण शिक्षकों का अप्रैल और मई माह का मानदेय नहीं दिया गया है। इस पर शिक्षक मोहम्मद इसरार, अहमद रजा और मोहम्मद अयूब आदि ने मुख्यमंत्री से शिकायत की है। मदरसा शिक्षकों का कहना है कि राज्यांश जिले में पहुंचने के बाद भी अधिकारी मनमानी पर उतारू है। इसके चलते मदरसा आधुनिकरण शिक्षकों को मानदेय नहीं मिल पा रहा है।
ट्रांसफार्मर फुंकने से तीन सौ उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति ठप
पूरनपुर। ब्लॉक रोड पर एक धार्मिक स्थल के समीप रखा ढाई सौ केवीए का ट्रांसफार्मर बुधवार रात करीब डेढ़ बजे फुंक गया। इससे तीन सौ उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। १२ घंटे बाद फुंका ट्रांसफार्मर बदलने से उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली।
शिक्षामित्र की पत्नी की बुखार से हालत खराब, आज गांव में लगेगा स्वास्थ्य कैंप
पूरनपुर। घुंघचाई क्षेत्र के गांव मोहब्बतपुर में शिक्षामित्र रमेश की बुधवार को बरेली के निजी अस्पतला में मौत हो गई थी। उसे रविवार को बुखार आया था। शिक्षा मित्र गांव सिमरिया तालुके महाराजपुर के प्राथमिक स्कूल में तैनात था। शिक्षा मित्र की पत्नी गीता को भी बुखार आ रहा है। उसका गांव घुंघचाई के एक प्राइवेट चिकित्सक से इलाज कराया जा रहा है। इसके अलावा गांव के राजू धमे्रंद्र, रामपाल आदि भी बुखार की चपेट में है। शिक्षा मित्र की मौत और पत्नी सहित कई बुखार पीडि़त होने के बाद बृहस्पतिवार को भी स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव नहीं पहुंची। सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अनिकेत गंगवार ने बताया कि बृहस्पतिवार को अवकाश था। शुक्रवार को गांव में कैंप लगवाकर लोगों की जांच कराकर दवाई दिलवाई जाएगी।
चंद्रायान ३ की भी बनाई झांकी
फोटो ०७ पीबीटीपी ३९
पूरनपुर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर डायमण्ड कलां केंद्र की ओर से गांधी पार्क में आकर्षक झांकियां बनाई गई। बृहस्पतिवार शाम होते ही झांकियों को देखने वालों की भीड़ लगने लगी। झांकियों में चंद्रायन ३ को लेकर भी दो झांकिंयां बनाई गई। जो लोगों में चर्चा का विषय बनी रही।