शहर के असम चौराहे पर खड़ी उत्तराखंड डिपो की बस। संवाद
पीलीभीत। बरेली, टनकपुर और अन्य डिपो की बसों के बस अड्डे तक न आने से यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इनमें से अधिकांश बसें नौगवां चौराहे तक भी नहीं आती। असम चौराहे से होते हुए निकल जाती हैं। बस अड्डे पर बस न मिलने से यात्री नौगवां चौराहे पहुंचते हैं और बाद में असम चौराहे की दौड़ लगानी पड़ती है। इससे यात्रियों को दोगुना खर्च करना पड़ रहा है। वहीं, अफसर इसको लेकर गंभीर नहीं है।
स्थानीय डिपो से करीब 113 बसों का संचालन किया रहा है। इसमें सबसे अधिक बसें दिल्ली मार्ग पर संचालित है। स्थानीय डिपो पर बसों की संख्या के हिसाब से डिपो पर पर्याप्त जगह नहीं है। ऐसे में बसों का संचालन अस्थायी रूप से नौगवां चौराहे से किया जा रहा है।
इस चौराहे पर पीलीभीत और उत्तराखंड डिपो की बसें तो पहुंचती हैं, लेकिन अन्य डिपो की बसें असम चौराहा और ओवरब्रिज होकर सीधे गंतव्य को रवाना हो जाती हैं। ऐसे में नौगवां चौराहे पर मौजूद यात्रियों को बसों का घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। एआरएम विपुल पाराशर ने बताया कि अन्य डिपो की कई बसें बाहरी चौराहे से ही निकल रही हैं। इसको लेकर जानकारी मिली है। संबंधित डिपो के अफसरों से वार्ता कर मामले का निस्तारण कराया जाएगा। संवाद