पीलीभीत। पंजीकरण से छूटे बीएस फोर वाहनों के लिए एक बार उम्मीद बंधी है। केंद्र सरकार ने ऐसे वाहनों की रिपोर्ट तलब की है। ऐसे में माना जा रहा है कि सरकार छूटे वाहन स्वामियों को न्यायालय के माध्यम से एक और मौका दिला दे। पीलीभीत जिले में ऐसे वाहनों की संख्या 104 है।
बीएस फोर वाहनों का चलन बंद होने की घोषणा पहले ही हो चुकी थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 31 मार्च तक पंजीकरण करने के आदेश दिए थे। इस बीच कोरोना संक्रमण के चलते पूूरे देश में लॉकडाउन कर दिया गया। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने पंजीकरण की अंतिम तिथि बढ़ाकर 14 अप्रैल कर दी। फिर भी जब वाहनों का पंजीकरण नहीं हो पाया तो पंजीकरण की अंतिम तारीख 30 अप्रैल कर दी गई। जनपद में स्थानीय और दूसरे जिलों से खरीदे गए 1438 बीएस फोर वाहनों का पंजीकरण होना था। इसकी सूचना बीएस फोर वाहन स्वामियों को दी भी गई। इसके बावजूद 30 अप्रैल तक मात्र 1334 वाहनों का ही पंजीकरण हो पाया, 104 बीएस फोर वाहनों का पंजीकरण नहीं हो सका। ऐसे में अब 104 छूटे वाहन सड़कों पर नहीं दौड़ सकेंगे। इधर केंद्र सरकार ने पंजीकरण से छूटे बीएस फोन वाहनों की रिपोर्ट तलब कर ली है। वाहन मालिक यह उम्मीद जता रहे हैं कि हो सकता है कि सरकार छूटे वाहन स्वामियों को एक और मौका दे दे। फिलहाल तो अब बीएस फोर वाहन अब सड़कों पर नहीं दौड़ पाएंगे।
दूसरे जिलों से खरीदे गए 104 बीएस फोर वाहनों का पंजीकरण नहीं हो पाया है। सूचना देने के बाद भी वाहन स्वामियों ने पंजीकरण नहीं कराया। केंद्र सरकार ने छूटे वाहनों की रिपोर्ट मांगी है। -अमिताभ राय, एआरटीओ