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मेहनतकश बंटाईदारों के समक्ष रोटी का संकट

Wed, 15 Apr 2015 11:36 PM IST
बीसलपुर/पीलीभीत।
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बंटाई पर खेती करने वाले गांव नवदिया सितारगंज निवासी इबरार मियां की हाड़तोड़ मेहनत  पर बारिश व ओलावृष्टि ने पानी फेर दिया। जिसके चलते उसे अपना व अपने परिवार का पेट पालने के लिए दो जून की रोटी तक के लाले पड़ र हे हैं।
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गांव नवदिया सितारगंज निवासी इबरार मियां ने बताया कि उनके पास अपनी कोई जमीन नहीं है। उन्होंने अपने परिवार का भरण पोषण करने के लिए गांव के ही कुरैश अली की 14 बीघा जमीन बंटाई पर ले रखी है। पूरी जमीन पर गेहूं की फसल खड़ी थी, जो ओला और अतिवृष्टि में पूरी तरह से बर्बाद हो गई है।

अब उनके पास खाने के लिए एक दाना गेहूं भी नहीं है। गेहूं की सारी फसल बर्बाद हो जाने से इनके घर के लोग काफी परेशान है। इबरार  मियां के पत्नी मिस्कीन बेगम, पुत्र हसीब, राशिद, साजिद, मुस्तकीम, पुत्री शमां, गुलनाज, पुत्रवधू यासमीन बेगम और पुत्र मोहम्मद कैफ काफी चिंतित हैं।
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इबरार मियां ने बताया कि अब उन लोगों के समक्ष मजदूरी करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है। इबरार मियां ने यह भी बताया कि उन्होंने गेहूं की फसल बोने के लिए कर्ज भी लिया है। जिसके निबटने के अब कोई आसार नहीं रह गए हैं। तहसील कार्यालय में फसल नुकसान के संबंध में सूचना दिए जाने के बाद पत्र दिया है, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।

इस बावत तहसीलदार नन्हे लाल ने बताया कि बंटाईदार को मुआवजा दिए जाने का कोई प्राविधान नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि सर्वे के दौरान यदि खेत में नुकसान होने की पुष्टि होती है, तो खेत मालिक को ही मानक के अनुरूप मुआवजा दिया जाएगा।
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