पीलीभीत। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) को उपभोक्ता फोरम ने परिवादी को 16 हजार रुपये अदा करने का फैसला सुनाया है। एक माह में भुगतान न किए जाने पर आठ प्रतिशत ब्याज लगाने की बात कही है। पीड़ित ने सर्दी के मौसम में बस में ब्लोअर न चलाए जाने से तबीयत बिगड़ जाने पर वाद दायर किया था।
शहर के मोहल्ला नई बस्ती स्थित आलोक भवन निवासी पीयूष शुक्ला ने 17 नवंबर 2020 को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में परिवाद दायर करते हुए कहा कि उसकी पत्नी अर्थराइटिस से पीड़ित है। उनका इलाज पीजीआई लखनऊ से चल रहा है। 10 फरवरी 2020 को वह पत्नी के साथ लखनऊ से पीलीभीत डिपो की एसी शताब्दी बस का टिकट आनलाइन बुक करवा कर कैसरबाग डिपो से पीलीभीत आने के लिए बस में सवार हुए। बस सिधौली में रुकवाने के बाद स्टाफ ने बस का ब्लोअर नहीं चलाया। बस की खिड़की के शीशे भी बंद नहीं हुए। कड़ाके की सर्दी के कारण उनकी पत्नी की हालत बिगड़ गई। रात में ही उपचार लेना पड़ा। इसकी लिखित शिकायत यूपीएसआरटीसी में की गई।
पत्नी की हालत में सुधार न होने पर 16 फरवरी 2020 को पीजीआई में भर्ती कराना पड़ा। जहां इलाज में 25 हजार रुपये खर्च हुए। दायर वाद में 1039 रुपये किराया, अस्पताल खर्च के 25 हजार, मानसिक उत्पीड़न के लिए 50 हजार रुपये और वाद व्यय के रूप में 10 हजार 500 रुपये सहित कुल 86 हजार 38 रुपये विपक्षी से दिलाने की गुहार की। फोरम ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सेवा में कमी का मामला पाते हुए विपक्षी के विरुद्ध जुर्माना आदेश पारित किया।