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खून की कमी से नहीं होगी किसी की मौत, 14 को लगेगा रक्तदान शिविर

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पीलीभीत। खून की कमी से किसी मरीज की जान नहीं जाएगी। इसी संकल्प के साथ अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से स्वैच्छिक रक्तदान शिविर लगाए जा रहे हैं। यहां जिला अस्पताल परिसर स्थित ब्लड बैंक में 14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस पर शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसमें विभिन्न संस्थाओं के महादानी शामिल होंगे।
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जिला अस्पताल ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. अनिल सिंह का कहना है कि कोरोना संक्रमण की वजह से पिछले चार महीने में गिने चुने लोग ही रक्तदान करने आ रहे हैं। वर्तमान में ब्लड बैंक में सिर्फ 30 यूनिट ब्लड ही मौजूद हैं। जबकि प्रति माह 10 से 15 यूनिट थैलेसमिया और ब्लड कैंसर के मरीजों को बिना डोनर के दिया जाता है। इसके अलावा गंभीर मरीजों और दुर्घटना में घायल होने वाले मरीजों को ब्लड की जरूरत होती है।
विश्व रक्तदान दिवस पर स्वास्थ्य विभाग और अमर उजाला फाउंडेशन लोगों से अपील करता है कि वे 14 जून को होने वाले ब्लड बैंक में लगने वाले शिविर में पहुंचकर स्वेच्छा से रक्तदान करें, ताकि जरूरतमंदों की मदद की जा सके।
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एक यूनिट रक्त से बचती हैं चार जिंदगियां
डॉ. रमाकांत सागर ने बताया कि रक्तदान करने से सिर्फ एक व्यक्ति ही नहीं, बल्कि एक यूनिट रक्त से चार लोगों की जान बचाई जा सकती है। क्योंकि एक यूनिट ब्लड के चार हिस्से कर दिए जाएं तो रेड ब्लड सेल और व्हाइट ब्लड सेल अलग-अलग हो जाएंगे। प्लाज्मा भी अलग हो जाएगा। इसके बाद वही ब्लड चार लोगों के काम आ सकता है। लगातार रक्तदान करने से कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा नहीं रहता है। रक्तदान से खून में कोलेस्ट्रॉल जमा नहीं होता।
कौन-कौन बन सकता है रक्तदानी
18 से 65 वर्ष की आयु के स्वस्थ्य व्यक्ति, जिनका हीमोग्लोबिन 12.5 प्रतिशत से ज्यादा और कम से कम 45 किलोग्राम वजन हो। अगर किसी व्यक्ति की शुगर 225 तक है और वह इंसुलिन नहीं लेता है तो रक्तदान कर सकता है।
नियमित रक्तदान के फायदे
- शरीर में खून बनने की प्रक्रिया तेज होती है।
- रक्तदान से पहले जांच में शरीर की स्थिति पता चलती है।
- रक्तदान के बाद होने वाली खून की जांच में एचआईवी, एचवीएसजी, एचसीबी, वीडीआरएल, मलेरिया का पता चलता है। इनकी रिपोर्ट निगेटिव होने पर ही रक्त का उपयोग किया जाता है। पॉजिटिव मिलने पर रिपोर्ट की गोपनीयता बरकरार रखते हुए रक्तदाता को इसकी जानकारी दी जाती है।
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