ब्लाइंड क्रिकेट की यूपी टीम के कप्तान कमल शर्मा।
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पीलीभीत। इरादे मजबूत हों तो विपरीत परिस्थितियों में भी मंजिल हासिल की जा सकती है। इस बात को 23 वर्षीय दृष्टिबाधित कमल शर्मा ने चरितार्थ कर दिखाया है। लखनऊ में आईपीएल की तर्ज पर 28 जनवरी से प्रस्तावित ‘ब्लाइंड क्रिकेट प्रतियोगिता’ में कमल यूपी टीम की कप्तानी संभालेंगे।
शहर की जोशी कॉलोनी निवासी राममूर्ति लाल शर्मा और लक्ष्मी देवी के दृष्टिबाधित पुत्र कमल शर्मा वर्तमान में एमए राजनीति शास्त्र की पढ़ाई कर रहे हैं। कमल ने वर्ष 2014 में 12वीं में 75 फीसदी और बाद में स्नातक में 70 फीसदी अंक हासिल किए। पिता राममूर्ति लाल शर्मा ने बताया कि कमल ने खेल की शुरूआत क्रिकेट से की थी। जिला स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिता में मैन ऑफ द सीरीज का खिताब जीतने के बाद उसका हौसला बढ़ा। यही नहीं वर्ष 2013 में यूरोप के हंगरी में हुए वर्ल्ड जूडो चैंपियनशिप में कमल ने स्वर्ण पदक जीता। वर्ष 2014 में हैदराबाद, 2016 में चंडीगढ़ और वर्ष 2017 में महाराष्ट्र में यूपी टीम को जीत दिलाई। कमल की प्रतिभा को देखते हुए उन्हें दो साल पहले यूपी ब्लाइंड क्रिकेट टीम का कप्तान बनाया गया। कमल अब तक 10 नेशनल टूर्नामेंट, 18 जोनल लेवल के टूर्नामेंट और 20 स्टेट लेवल टूर्नामेंट खेल चुके हैं। फोन पर कमल शर्मा ने बताया कि लखनऊ में 28 जनवरी से एक फरवरी तक प्रस्तावित ब्लाइंड क्रिकेट प्रतियोगिता में वह बतौर कप्तान हिस्सा लेंगे। कमल कहते हैं कि कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। युवाओं को लक्ष्य तय कर मंजिल की ओर बढ़ना चाहिए।