ग्राम पंचायतों में संविदा पर
तैनात रोजगार सेवकों ने राज्यकर्मचारी बनाने की मांग कर प्रदर्शन किया और
बॉह पर काली पट्टी बांधकर कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकालकर मुख्यमंत्री के नाम
संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में सौंपा।
प्रांतीय आह्वान पर
उप्र ग्राम रोजगार सेवक संघ के सदस्य रोजगार सेवक पूर्व निर्धारित
कार्यक्रम के अनुसार जयसंतरी मंदिर प्रांगण में एकत्र हुए। जिलाध्यक्ष हरीश
कुमार ने कहा कि ग्राम पंचायतों में मनरेगा के सभी कार्य उनके माध्यम से
ही कराए जा रहे हैं साथ ही गांव के विकास में होने वाले अन्य कार्य जैसे
वृद्धा अवस्था, विकलांग, समाजवादी पेंशनों का सत्यापन, बीएलओ का कार्य,
स्वच्छता अभियान का कार्य, जनगणना एवं अन्य कराए जा रहे हैं। ऐसे में
उन्हें राज्यकर्मचारी का दर्जा दिया जाना चाहिए।
रोजगार सेवकों का कहना
है कि मनरेगा में भारत सरकार ने यह व्यवस्था दी है कि राज्य सरकारें अपने
संसाधनों से रोजगार सेवकों को पूर्णकालिक कर्मचारी बना सकती हैं। बैठक के
बाद रोजगार सेवकों ने बॉह पर काली पट्टी बांधकर जुलूस निकाला और नारेबाजी
करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां रोजगार सेवकों ने मुख्यमंत्री के नाम
संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में सौंपा।
यहां सुरेश वर्मा,
अमानत रसूल, प्रदीप कुमार, सरिता गंगवार, मनोज कुमार, दुर्गावती, खुशनूर,
कन्यावती, राजबहादुर, हरीओम, वेदप्रकाश, त्रिवेंद्र कुमार, जानकी प्रसाद,
रमेश मिश्रा, रविंद्र वर्मा, दयानंद सरकार, महेश कुमार, खानचंद्र, ब्रजनंदन
कुमार, जागन सिंह, सर्वेश कुमार, संजीव कुमार सहित कई रोजगार सेवक थे।