पूरनपुर। गांव लुकटिहाई के समीप राजकीय पक्षी सारस की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। सारस का शव गांव के समीप एक खेत में पड़ा देखा गया। कुछ लोगों ने आग में उसे जलाने की कोशिश की। सारस के शव को कब्जे में लिया गया। उसका पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
शेरपुरकलां में बीते दिनों बर्ड फ्लू का पहला केस मिला था। उसके बाद एक किलोमीटर इलाका कंटेन्मेंट जोन और 10 किलोमीटर इलाका सर्विलांस जोन घोषित किया गया था। कंटेन्मेंट जोन के मुर्गा, मुर्गियों और बतख को मारने का दावा किया गया। हालांकि घरों के बाहर मुर्गा, मुर्गी, बतखें उस वक्त भी घूमते देखी गईं। दफनाएं गए पक्षियों के स्थान और जिस स्थान पर बर्ड फ्लू का केस मिला था। उस स्थान को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर लोगों और जानवरों की आवाजाही प्रतिबंधित की गई थी। मगर आवाजाही भी नहीं रुक सकी। बर्ड फ्लू का केस मिलने के बाद पक्षियों के मरने का शुरू हुआ सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। धनाराघाट रोड, ब्लॉक कार्यालय सहित कई स्थानों पर मरे हुए पक्षी मिल चुके हैं। राजकीय पक्षी सारस का शव बृृहस्पतिवार को गांव लुकटिहाई के पास एक खेत में मिला। सारस का शव पड़ा होने की चर्चा लोगों में रही। कुछ लोगों ने खेत मेें पहुंचकर जलती आग में उसका शव डाल दिया। हालांकि शव जलने से बच गया। डिप्टी सीवीओ डॉ. राजीव मिश्रा ने बताया कि सारस का शव खेत में पड़े होने की जानकारी मिली थी। वन्य एवं वन प्रभाग के डीएफओ संजीव कुमार को तत्काल जानकारी दी गई थी। टीम को भेज दिया गया। सारस के शव का पोस्टमार्टम करने के बाद दफनवाया जाएगा। बर्ड फ्लू का केस मिलने के बाद सर्विलांस जोन से सैंपलिंग लगातार कराई जा रही है। बृहस्पतिवार को 20 पक्षियों का सैंपल लिया गया है। जिसे जांच को बरेली आईवीआरआई भेजा जाएगा।