शहर में सड़क किनारे लगे बेतरतीब होर्डिंग दुघर्टनाओं का सबब बन रहे हैं। बेतरतीब ढंग से लगे होर्डिंगों को हटाने का आदेश हाईकोर्ट भी दे चुका है, लेकिन पालिका प्रशासन इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
शहर की सड़कों और चौराहों पर नजर दौड़ाई जाए तो यह होर्डिंग और बैनर लगाने की जगह बनकर ही रह गए हैं। आसाम चौराहा, नौगवा चौराहा, गौहनिया, टनकपुर रोड जैसे भीड़ वाले इलाके में मनमाने तरीके से आड़े तिरछे होर्डिंग लगे हैं। फुटपाथ व नालियों पर भी कब्जा कर होर्डिंग लगाए गए हैं। कुछ चौराहों पर मोड़ों पर होर्डिंग इस तरह लगे हैं कि दूसरी ओर का कुछ दिखाई नहीं देता। इससे दुघर्टना की आशंका बनी रहती है।
मात्र 90 प्वाइंट ही हैं चिह्नित
नगरपालिका के मुताबिक शहर में करीब 90 प्वाइंटों पर होर्डिंग लगे हैं, लेकिन शहर की सड़कों और बाजार का हाल देखते हुए इन आंकड़ों पर यकीन करना मुश्किल है। इससे साफ जाहिर है कि इन प्वाइंटों के अलावा अन्य स्थानों पर लगे होर्डिंग अवैध है।
नहीं चलता कोई कानून कायदा
नगरपालिका परिषद द्वारा प्रतिवर्ष होर्डिंग आदि लगाने का ठेका दिया जाता है। होर्डिंग किन स्थानों पर और किन नियमों के तहत लगाए जा सकते हैं, पालिका प्रशासन के पास इसका कोई लेखा जोखा नहीं है। यही वजह है कि शहर में कई स्थानों पर अवैध होर्डिंग लगे हैं।
नियमानुसार होगी कार्रवाई
हाल ही में चले अतिक्रमण अभियान के दौरान गलत ढंग से लगाए गए सभी होर्डिंग बैनरों को हटवा दिया गया था। यदि कही गलत ढंग से इन्हें लगाया गया है तो उन्हें तत्काल हटवाया जाएगा।
- अरुणमणि त्रिपाठी, प्रभारी अधिशासी अधिकारी