प्रदेश भर में गमुशुदा बच्चों की तलाश के लिए पहली जनवरी से शुरू होने वाले ‘आपरेशन स्माइल’ द्वितीय की कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। उम्मीद है कि नए साल पर गुमशुदा बच्चे अपनों तक पहुंच सकेंगे। एक महीने तक चलने वाले इस अभियान से गुमशुदा बच्चों के परिवार वालों को भी उनके जिगर के टुकड़ों के मिलने की आस बंधी है।
डीजीपी के आदेश पर गुमशुदा बच्चों की तलाश के लिए प्रदेश के सभी जिलों में पहली जनवरी से ‘आपरेशन स्माइल’ द्वितीय शुरू होगा। यह अभियान एक माह तक चलेगा। अभियान के तहत गुमशुदा बच्चों को ढूंढ कर उनके माता-पिता तक पहुंचाना है। पुलिस होटलों, ईंट भट्ठों व ढाबों पर काम करने वाले बच्चों से भी उनके बारे में जानकारी जुटाएगी। बरामद बच्चों से संबंधित विवरण निर्धारित प्रपत्र पर जोनल पुलिस महानिरीक्षक को भेजी जाएगा। जिले में साल भर में कुल 29 बच्चे गुमशुदा हुए थे। इनमें से 21 बच्चे ऐसे जो अपने घरों को वापस लौट आए। वर्तमान समय में थाना बिलसंडा के गांव गौहनिया निवासी मथुरा प्रसाद का पुत्र सौरभ गंगवार, थाना बरखेड़ा के गांव डंडिया भगत निवासी विजय का पुत्र टीकाराम, ओमकार का पुत्र कामेश, कोतवाली बीसलपुर के गांव टिकरी माफी निवासी हसीब सहित कुल आठ बच्चे अभी भी गुमशुदा हैं। जिन्हें पुलिस खोज नहीं सकी है। यह सभी बच्चे वर्ष 2014 में ही गायब हुए। पहली जनवरी से शुरू होने वाले ‘आपरेशन स्माइल’ द्वितीय से परिवार वालों को उम्मीद है कि उनका लाडला नए साल में जरूर घर आएगा।
रेलवे स्टेशन पर नहीं खुला किओस्क सेंटर
‘आपरेशन स्माइल’ के तहत आईजी अपराध रामकृष्ण स्वर्णकार ने रेलवे स्टेशनों के प्लेटफार्म पर किओस्क सेंटर ( बच्चों की हेल्प डेस्क) खोले जाने के निर्देश दिए थे, लेकिन पीलीभीत रेलवे स्टेशन पर जीआरपी ने अभी तक किओस्क डेस्क स्थापित नहीं की है। एसओ जीआरपी अनंतराम राव का कहना है कि शीघ्र ही हेल्प डेस्क खोली जाएगी।
‘आपरेशन स्माइल’ की कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। जीआरपी को भी पत्र भेजकर किओस्क डेस्क खोलने के लिए निर्देशित किया गया था। अभियान शुरू होने के पहले ही हेल्प डेस्क स्थापित कर दी जाएगी।
जवाहर, एसपी