पीलीभीत। ग्रेटर नोएडा और हरियाणा में गिरफ्तार किसानों को रिहा करने और उनकी मांगों को पूरा करने के लिए भाकियू ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा।
ज्ञापन में कहा कि ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण कार्यालय के सामने 23 अप्रैल से किसान अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए शांतिपूर्वक धरना दे रहे थे। किसानों को 10 प्रतिशत विकसित भूमि का प्लाट देने का समझौता पूर्व में हुआ था। जिसको उच्च न्यायालय इलाहाबाद में पेश कर न्यायालय का आदेश हो चुका था लेकिन प्राधिकरण में मात्र 6 प्रतिशत विकसित प्लाट दिया है।
मांगों को पूरा कराने के बजाय प्राधिकरण प्रशासन ने हठधर्मिता और तानाशाही पूर्वक किसानों के आंदोलन को कुचलना चाहा। रात में 33 किसानों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। ज्ञापन में गिरफ्तार किसानों को रिहा करने, उनकी मांगों को पूरा करने, सूरजमुखी की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए हरियाणा सरकार को निर्देशित करने, एमएसपी पर गारंटी कानून बनाने और किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाने की मांग की गई। इस दौरान मंडल अध्यक्ष सतविंदर सिंह काहलों, जिला अध्यक्ष वेद प्रकाश शर्मा, प्यारे लाल वर्मा, नागेंद्र सिंह, नेमचंद, जयवीरलाल, पूरनलाल आदि मौजूद रहे।