गांव बेहटा के खेतिहर क्षेत्र में मंगलवार को रात लगभग आठ बजे मादा शावक के दिखाई पड़ने से दहशत फैल गई है। डर से किसान बुधवार को खेतों पर काम करने नहीं गए।
गांव बेहटा निवासी लालाराम मौर्य ने बताया कि बुधवार को रात लगभग आठ बजे वह अपने धान के खेत में पंपिंग सेट से पानी लगा रहा था। इसी बीच पड़ोस में स्थित गन्ने के खेत के बाहर एक मादा शावक दिखाई पड़ी। लालाराम ने तत्काल गांव जाकर लोगों को बताया। लोग उसी समय लाठी डंडे लेकर मौके पर पहुंचे और खेत में खड़े मादा शावक को देखा। ग्रामीणों ने शोर मचाया और आग जलाई, तब मादा शावक गन्ने के खेत में चली गई।
ग्रामीणों ने उसी समय दियोरिया रेंज कार्यालय में सूचना दी, लेकिन वन विभाग के किसी भी अधिकारी, कर्मचारी ने मौके पर जाने की जहमत नहीं उठाई। कई घंटे हो हल्ला मचाने के बाद भी जब शावक गन्ने से बाहर नहीं निकली, तभी ग्रामीण घर चले आए। डर के मारे ग्रामीण बुधवार को खेतों में काम करने नहीं गए। दरअसल ग्रामीणों का मानना है कि मादा शावक अभी गन्ने के खेत में ही मौजूद है।
ग्रामीणों ने बुधवार को सुबह खेत में जाकर मादा शावक के पैरों के निशान देखे। ग्रामीणों ने पैरों के निशानों से ही निष्कर्ष निकाला कि ये निशान मादा शावक के ही हैं। इस बाबत दियोरिया रेंजर मोहम्मद शहनयाज ने बताया कि उन्हें इस संबंध में अभी कोई सूचना नहीं मिली है, फिर भी वह टीम भेजकर मामले की जांच कराएंगे।