पीलीभीत/ बीसलपुर। रसिया खानपुर में डेंगू की दस्तक से हड़कंप मचा हुआ है। बुखार पीड़ितों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही। मौतों का सिलसिला भी जारी है। डीएम के निर्देश के बाद भी बीसलपुर सीएचसी में बेड खाली हैं। सूत्रों ने बताया कि स्क्रीनिंग और जांच के बाद बुखार पीड़ितों को सीएचसी भेजने की कोई व्यवस्था नहीं है। वहीं निजी अस्पतालों के बाहर पड़ी बेंचों पर एक साथ दो–दो मरीजों का इलाज हो रहा है। एक निजी क्लिनिक पर गांव के दो सौ मरीजों के पहुंचने का दावा भी किया जा रहा है।
बुधवार को गांव रसिया खानपुर के छह मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई थी। गांव पहुंचे जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने बुखार पीड़ितों का सीएचसी और जिला अस्पताल में इलाज कराने के निर्देश दिए थे। वहीं ग्रामीणों से भी सरकारी अस्पताल में इलाज कराने की अपील की थी। मगर, स्क्रीनिंग और जांच के बाद बुखार पीड़ितों को सीएचसी भेजने की जहमत नहीं उठाई गई है। नतीजा यह हुआ कि मरीज बरेली और बीसलपुर के निजी अस्पतालों में अपना इलाज करा रहे हैं।
वहीं बीसलपुर नगर के एक निजी क्लिनिक पर मरीजों का जमावड़ा दिखा। पता चला कि रसिया खानपुर के बुखार पीड़ित भी दवा लेने पहुंचे हैं। क्लिनिक के सामने पड़ी बेंचों पर पर दो–दो मरीजों का इलाज होता दिखा। उधर, बीसलपुर नगर के एक निजी अस्पताल के एक एमबीबीएस डॉक्टर ने बताया कि उनके क्लीनिक पर गांव रसिया खानपुर से अब तक दो सौ से अधिक बुखार पीड़ित आ चुके हैं। कुछ मरीजों में डेंगू के लक्षण भी हैं।
सीएचसी में 30 बेड, अधिकांश खाली
बीसलपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 30 बेड हैं। बृहस्पतिवार को दोपहर वार्ड में 10 के करीब बेड खाली दिखे। कोई व्यवस्थाएं भी नजर नहीं आईं। खाली बेड स्वास्थ्य विभाग के दावों की पोल खोल रहे थे। मरीजों को सीएचसी या जिला अस्पताल क्यों नहीं भेजा जा रहा, यह बड़ा सवाल है।
बीसलपुर सीएचसी में 30 बेड हैं। कितने मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है, इसका पता कराते हैं। मरीजों का सीएचसी में इलाज करने को निर्देशित किया जाएगा। दो स्थानों में स्वास्थ्य टीम बैठाकर जांच और इलाज करने को कहा गया है। स्थिति जल्दी ही नियंत्रण में होगी। -ज्ञानेंद्र सिंह, जिलाधिकारी
बीसलपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती रसिया खानपुर के बुखार पीड़ित। संवाद