पीलीभीत। विवाहिता ने दहेज की मांग को लेकर मारपीट, घर से निकालने और बाद में जबरन मायके से उठाने का प्रयास करने का आरोप ससुरालियों पर लगाया है। कहा कि मारपीट में उसके एक कान का पर्दा भी फट गया। एसपी के आदेश पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला भूरे खां निवासी कामिनी ने एसपी के आदेश पर कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि उसकी शादी 15 अक्तूबर 2014 को जिला संभल के थाना चंदौसी कस्बा निवासी मुस्तकीम पुत्र पप्पू कुरैशी से हुई थी। कुछ समय बाद ही पति के अलावा गुलफशा और अलीशा ने कम दहेज लाने का ताना देते हुए उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।
आरोपी एक लाख रुपये और एक बाइक की मांग कर रहे थे। विवाहिता का आरोप है कि मांग पूरी न होने पर उसे एक माह पूर्व घर से निकाल दिया गया। वह किसी तरह लोगों से किराया मांगकर अपने मायके पहुंची। बहन ने ससुराल वालों को समझाने की कोशिश की, लेकिन उसके साथ भी मारपीट की गई।
आरोप है कि 15 जून 2025 की रात पति व उसके परिजन पांच अज्ञात लोगों के साथ उसके मायके पहुंचे और उसे जबरन उठाने का प्रयास किया। शोर मचने पर आसपास के लोग एकत्र हो गए। इस दौरान आरोपियों ने पीड़िता के कानों के कुंडल छीन लिए और मारपीट की। इससे उसके कान का पर्दा फट गया। कोतवाल राजीव कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की है।
भाई ने तहरीर देकर दहेज हत्या का लगाया आरोप
पूरनपुर। गांव पिपरिया दुलई निवासी अखिलेश की पत्नी प्रियंका की 23 जुलाई को हुई संदिग्ध हालात में मौत के मामले में भाई अनुज ने एसपी को शिकायती पत्र भेजा है। पत्र में दहेज हत्या का आरोप लगाया है।
दियोरिया थाना के गांव रंभोझा निवासी अनुज ने एसपी को भेजे शिकायती पत्र में कहा कि उसकी बहन प्रियंका की शादी 10 साल पहले गांव पिपरिया दुलई निवासी अखिलेश से हुई थी। आरोप है कि दहेज की खातिर उसकी बहन को प्रताड़ित किया जाता था। मांग पूरी न होने पर उसकी बहन के गले में फंदा लगाकर हत्या कर दी गई। बगैर सूचना के अगले दिन उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
कोतवाल सतेंद्र सिंह ने बताया कि घटना की कोई सूचना पुलिस को नहींं दी गई थी। जानकारी पर पता चला कि प्रियंका की मौत के बाद उसके मायके, ससुराल पक्ष में समझौता के तहत बगैर कोई कार्रवाई किए उसका अंतिम संस्कार किया गया था। संवाद