ग्राम पंचायतों में 14वें वित्त से होने वाले विकास कार्यों में अब वीडीओ और प्रधान मनमर्जी नहीं कर सकेंगे। शासन के निर्देश पर डीएम ने सभी 722 ग्राम पंचायतों को 81 सेक्टर में बांटकर प्रत्येक सेक्टर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं। यह नोडल अधिकारी समय-समय पर गांव का भ्रमण कर चल रहे कार्यों का निरीक्षण कर डीएम को रिपोर्ट सौंपेंगे।
गांव के विकास के लिए विभिन्न मदों से धनराशि दी जाती है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण 14वें वित्त से मिलने वाली धनराशि है, लेकिन करोड़ों की इस धनराशि से होने वाले कार्यों की नियमित मॉनीटरिंग नहीं हो पा रही थी। परिणाम स्वरूप धनराशि का बंदरबांट कर ठिकाने लगा दिया जाता था। अब शासन ने 14वें वित्त से होने वाले विकास कार्यों की मॉनीटरिंग के लिए नोडल अधिकार नियुक्त किए हैं। पहले इन नोडल अधिकारी को न्याय पंचायत स्तर पर नियुक्त करने के निर्देश दिए गए, लेकिन कुछ न्याय पंचायतों में गांव की संख्या और क्षेत्रफल अधिक होने के कारण जिले के सभी 722 ग्राम पंचायतों को 81 सेक्टरों में बांटा गया है। डीएम की ओर से इन सभी 81 सेक्टर पर एक एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके लिए विभिन्न विभागों के ब्लाक स्तरीय अधिकारियों को नामित किया गया। डीपीआरओ देवेंद्र कुमार ने बताया कि शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी द्वारा नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर दी गई है। नोडल अधिकारी समय समय पर विकास कार्यों का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।