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बरखेड़ा चीनी मिल की दो हेक्टेअर जमीन होगी नीलाम

Mon, 28 Sep 2015 10:50 PM IST
Bisalpur
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बरखेड़ा स्थित बजाज चीनी मिल पर बकाया भुगतान मामले को लेकर एक साल से चला आ रहा संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले साल किसानों के बकाया भुगतान के मामले में जारी 106 करोड़ रुपये की आरसी पर निर्धारित किए गए करीब 10 करोड़ रुपये का कलेक्शन चार्ज मिल द्वारा न दिए जाने पर जिला प्रशासन ने पहले से कुर्क मिल की करीब दस हेक्टेअर भूमि में से दो हेक्टेअर भूमि नीलामी कर यह रकम वसूल करने का निर्णय लिया है। डीएम के निर्देश पर सोमवार को तहसील प्रशासन ने मिल पहुंच नीलाम किए जाने वाली भूमि को चिन्हित करने का काम पूरा कर लिया। 30 सितंबर को दोपहर मिल की इस जमीन की नीलामी की जाएगी।
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बजाज हिंदुस्तान चीनी मिल बरखेड़ा पर किसानों का वर्ष 2013-14 का काफी भुगतान बकाया था। काफी प्रयास के बाद भी संबंधित मिल प्रबंधन ने यह भुगतान नहीं किया तो 106 करोड़ रुपये बकाया की आरसी जारी कर दी गई। इस पर दस प्रतिशत कलेक्शन चार्ज लगाया गया। तहसीलदार नन्हे लाल ने बताया कि किसानों के बकाया भुगतान के लिए पिछले साल चीनी मिल की कुर्क की गई चीनी, शीरा आदि नीलाम कर काफी भुगतान किया गया। बाद में कुछ भुगतान चीनी मिल ने भी किसानों के खातों में भेजा। फिर भी दस करोड़ रुपये कलेक्शन चार्ज के बकाया रह गए। काफी प्रयास के बाद भी जब चीनी मिल ने उक्त बकाया धनराशि की अदायगी नहीं की तो इस पर जिलाधिकारी मासूम अली सरवर ने मिल की पहले से कुर्क की गई दस हेक्टेअर जमीन में से दो हेक्टेअर भूमि की नीलामी करने के आदेश दिए। डीएम के आदेश पर नायब तहसीलदार एमआर थारू कानूनगो केपी सिंह, लेखपाल छत्रपाल और संग्रह अमीन महेंद्र पाल को भेज मिल के यार्ड की खाली पड़ी भूमि में से दो हेक्टेअर भूमि पर नीलामी के लिए निशान लगवा दिया। तहसीलदार ने बताया कि यह जमीन आन रोड है। उन्होंने बताया कि इसकी नीलामी के बाद यदि रकम बचती है तो प्रशासन के पास पहले से कुर्क शेष आठ हेक्टेअर भूमि में से फिर कुछ भूमि नीलाम की जाएगी. इसके अलावा मिल की करीब 130 लाख क्विंटल चीनी भी प्रशासन ने बिक्री से रोक रखी है।

करीब दस करोड़ रुपये का भुगतान बकाया है। राजस्व विभाग की कार्रवाई की जानकारी है। मिल अपने स्तर से  बकाया भुगतान की व्यवस्था कर रही है। शीघ्र ही डीएम से मिल कर भी कुछ समय मांगेंगे।
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प्रभात श्रीवास्तव, मिल प्रबंधक

काफी प्रयास के बाद भी मिल द्वारा बकाया भुगतान नहीं किया गया है। प्रशासन ने मिल की पहले से कुर्क की गई जमीन को नीलाम कर बकाया वसूलने का निर्णय लिया है। नीलामी के लिए 30 सितंबर की तिथि निर्धारित की गई है। अगर मिल प्रबंधन इस अवधि से पहले पिछले साल के बकाया कलेक्शन चार्ज का भुगतान नहीं करता है तो उसकी जमीन नीलाम की जाएगी।
मासूम अली सरवर, डीएम

बरखेड़ा स्थित बजाज हिंदुस्तान चीनी मिल इस साल भी बकाया भुगतान मामले में काफी पीछे है। चालू सत्र का किसानों का करीब 40 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य भुगतान बाकी है। इसके अलावा संबंधित मिल पर पिछले साल जारी आरसी का दस करोड़ रुपये के करीब कलेक्शन चार्ज तथा समिति का कमीशन आदि भी बाकी है।
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राजेश्वर यादव, जिला गन्ना अधिकारी
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