गजरौला। लोन माफी के नाम पर बैंक मैनेजर पर 5.10 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगा है। राष्ट्रीय लोक अदालत से खातों के समझौते के लिए समन प्राप्त होने पर पीड़ित को ठगी के बारे में जानकारी हुई। मामले में कोर्ट के आदेश पर गजरौला पुलिस ने शाखा के तत्कालीन मैनेजर पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की है।
गजरौला क्षेत्र के बेहवा फॉर्म निवासी स्वर्णजीत सिंह ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में कहा है कि उसके कोतवाली क्षेत्र के लोहा बाजार स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में लोन के तीन खाते संचालित हो रहे थे। पहले खाते में मय ब्याज के करीब चार लाख रुपये बकाया हो गया था, जिसे उसने बैंक के तत्कालीन मैनेजर कृष्णदास राय के कहने पर एक मुश्त समाधान योजना के तहत दो लाख रुपये जमा कर खाते का नोड्यूज भी प्राप्त कर लिया।
शेष बचे दूसरे खाते में भी मैनेजर कृष्णदास राय के कहने पर ही 2.10 लाख रुपये और तीसरे खाते में 3.50 लाख रुपये जमा कर दिया। बैंक की ओर से रुपये की रसीद दे दी गई। बैंक मैनेजर कृष्णदास राय की ओर से खादी ग्रामोउद्योग का अनुदान आने पर खाता बंद होने के बाद नोड्यूज देने की बात कही।
लंबे समय तक उक्त दोनों खाते बंद होने व नोड्यूज मिलने तक इंतजार किया, लेकिन वह नहीं मिला। इसके बाद अप्रैल 2021 को उसने अपने घर पर पांच लाख रुपये नकद बैंक मैनेजर को और दे दिए। आरोप है कि 11 दिसंबर 2021 को दोनों खातों के समझौते के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत से समन प्राप्त होने पर पता चला कि दोनों खाते बंद नहीं हुए हैं। इस पर बैंक मैनेजर से संपर्क किया तो उसने टालमटोल शुरू कर दी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि बैंक मैनेजर का ट्रांसफर क्षेत्रीय कार्यालय स्टेडियम रोड त्रिलोकपुर राम बिहार फेस मुरादाबाद में हो गया है। गजरौला थाना प्रभारी जगदीप सिंह मलिक ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।