पीड़ित ने बैंक अधिकारियों से शिकायत की
आरोप है कि इन्हीं चेक की मदद से शाखा प्रबंधक ने अन्य बैंक कर्मियों की मिलीभगत से उनके खाते से कुल 4.15 करोड़ रुपये निकाल लिए, जबकि मूल चेक अभी भी उनके पास सुरक्षित हैं। जब उन्हें धोखाधड़ी की जानकारी हुई तो उन्होंने बैंक अधिकारियों से शिकायत की। मामला सामने आने पर शाखा प्रबंधक और अन्य कर्मचारियों ने ब्याज सहित रकम वापस करने का आश्वासन दिया, लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी रकम वापस नहीं की गई।
खुद को ठगा महसूस होने पर पीड़ित जीशान ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने शाखा प्रबंधक राधेश्याम प्रभाकर समेत अन्य अज्ञात बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। इंस्पेक्टर नरेश त्यागी ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।