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Pilibhit News: पराली पर रोक, शहर में पूरे दिन जलते कूड़े से साहब अनजान

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बस अड्डे के सामने लगे कूड़े के ढेर से उठता धुंआ  संवाद
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पीलीभीत। पराली जलाने पर रोक है। किसानों को सीख और कार्रवाई की चेतावनी दी जा रही है, लेकिन शहर में हाईवे के किनारे पूरे दिन कूड़ा जलाया जाता है। शहर में बस अड्डे के सामने भी कूड़ा जलता है। बताते हैं कि यह कूड़ा नगरपालिका की ओर से जलाया जा रहा है। जलते कूड़े से बढ़ रहे प्रदूषण को जिम्मेदार नजरअंदाज कर रहे हैं।
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वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए पराली जलाने पर रोक है। प्रशासन आए दिन किसानों को पराली न जलाने की सीख देता है। पराली जलाने की घटनाओं पर कार्रवाई भी की जाती है। मगर शहर से जहानाबाद जाने वाली सड़क के किनारे नगरपालिका द्वारा डाला गया कूड़ा पूरे दिन जलता रहता है।
छुट्टा पशु भी जलते कूड़े के बीच भोजन तलाशते दिखते हैं। यहां पर कूड़ा भी नियमों की अनदेखी कर डाला जा रहा है। हाईवे के किनारे बने कूड़ा डंपिंग प्वाइंट से लोक निर्माण विभाग भी बेखबर है। पीलीभीत से पूरनपुर जाने वाली सड़क के किनारे भी कूड़ा डाला जा रहा है। यहां भी पूरे दिन कूड़े से धुंआ उठता रहता है।
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शहर में बस अड्डे के सामने भी कूड़ा डाला जाता है। यहां भी पूरे दिन कूड़ा जलता रहता है। इस स्थान पर कई होटल हैं। प्रदूषण बढ़ा रहे इस जलते कूड़े को लेकर नगरपालिका और जिला प्रशासन मौन है।


हाईवे के किनारे बना दिया कूड़ा डंपिंग प्वाइंट
पीलीभीत-पूरनपुर और जहानाबाद सड़क के किनारे कूड़ा डंपिंग प्वाइंट बना दिया गया और लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदार अनजान हैं। बस अड्डे के सामने भी कूड़ा डंपिंग प्वाइंट बना दिया गया है।


...आखिर कौन डाल रहा कूड़ा
जहानाबाद मार्ग और पूरनपुर मार्ग के किनारे कूड़ा डाले जाने से नगरपालिका पीलीभीत और नगर पंचायत नौगवां पकड़िया के जिम्मेदार इन्कार कर रहे हैं। नगर पंचायत ईओ एजाज अहमद का कहना है कि कूड़ा इन दोनों स्थानों पर नहीं डाला जाता। नगरपालिका पीलीभीत अध्यक्ष डॉ. आस्था अग्रवाल ने भी इन स्थानों पर नगरपालिका की ओर से कूड़ा डाले जाने से इन्कार किया। यह भी कहा कि बस अड्डे के सामने पालिका की जगह है। वहां कूड़ा कोई और डाल रहा होगा। अब सवाल यह है कि ट्राॅलियों भरकर डाला गया कूड़ा आखिर किसका है।


107 पर पहुंचा वायु गुणवत्ता सूचकांक

जिला कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक एमएस ढाका ने बताया कि सोमवार को जिले का वायु गुणवत्ता सूचकांक 107 पर पहुंच गया। 50 से 100 के बीच का सूचकांक औसत माना जाता है। 50 से कम होने की स्थिति सबसे सही है। इस समय सूचकांक बढ़ा है।
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अभी इस तरह का मामला संज्ञान में नहीं आया है। अगर इस तरह का मामला पाया गया तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- संजय कुमार सिंह, डीएम

बस अड्डे के सामने लगे कूड़े के ढेर से उठता धुंआ  संवाद

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