भाजयुमो, विहिप, बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने एसडीएम कार्यालय के बाहर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन कर राज्यपाल को संबोधित तीन सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम कार्यालय में सौंपा। ज्ञापन में गांव शाहगढ़ प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने, एक समुदाय के लोगों पर अत्याचार करने वाले अफसरों को दंडित कराने, निर्दोष लोगों पर लगे झूठे मुकदमे निरस्त कर जेल भेजे गए लोगों को रिहा कराने की मांग की गई।
भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष नीरज प्रधान नीशू और विहिप जिला उपाध्यक्ष महादेव गाइन के नेतृत्व में रविवार को भाजयुमो, विहिप, बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने एसडीएम कार्यालय के बाहर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने भाजयुमो और विहिप की ओर से दो अलग-अलग ज्ञापन राज्यपाल को संबोधित एसडीएम कार्यालय में दिए। ज्ञापन में कहा गया कि शाहगढ़ में एक समुदाय की महिलाएं और बुजुर्गों पर लाठीचार्ज किया गया। निर्दोषों को जेल भेजा गया। प्रशासन ने भेदभाव फैलाकर एक तरफा कार्रवाई की। जो निंदनीय है। प्रदर्शन और ज्ञापन देने वालों में कुलवीर सिंह, सुरेश चंद्र आजाद, अकलेश शर्मा, विमल यादव, रूम सिंह यादव, महादेव गाइन, घनेंद्र सिंह यादव, संपत सिंह चौहान, रोशन लाल भारती, अनुज यादव, विधिओम, सुशील अग्निहोत्री आदि थे।
उच्चस्तरीय जांच की मांग
भाजपा अनुसूचित मोर्चा जिलाध्यक्ष आचार्य धर्म प्रकाश बौद्ध, भाजपा विधानसभा अध्यक्ष प्रणय बाजपेई ने टीम के साथ गांव शाहगढ़ पहुंचकर घटना के संबंध में लोगों से जानकारी की। एसडीएम, सीओ से मिलकर स्थिति के बारे में पूछा। गांव से लौटे भाजपा नेताओं ने बताया कि गांव में नई परंपरा के लिए हुई घटना निंदनीय है। घटना की उच्च स्तरीय जांच हो और नई परंपरा की शुरुआत करने वाले उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो। जिनकी वजह से घटना हुई है। भाजपा नेताओं ने प्रशासन और ग्रामीणों से सामान्य व्यवस्था बनाने में सहयोग की अपील की। डॉ. रामबहादुर शर्मा, डॉ. ब्रहम औतार, राजेंद्र कुमार, अनुराग मिश्रा आदि थे।