राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बजाज हिंदुस्तान चीनी मिल की गोदाम के ताले तोड़कर गोदाम रखी नीलाम की 640 बोरी चीनी व्यापारियों को उठवा दी। इसकी जानकारी होने पर पहुंचे किसानों ने मिल गेट पर ताला डालकर विरोध जताया। वहीं मिल प्रबंधन ने राजस्व कर्मियों पर जबरन चीनी उठवाने का आरोप लगाया है।
बरखेड़ा स्थित बजाज चीनी मिल से 11 करोड़ कलेक्शन चार्ज वसूलने को आठ अक्तूबर को राजस्व विभाग ने डीएम मासूम अली सरवर के निर्देश पर चीनी मिल की गोदाम में भंडारित चीनी को 6.52 करोड़ रुपये में नीलाम कर दिया था। सोमवार को तहसीलदार नन्हेंलाल के निर्देश पर नायब तहसीलदार एमआर थारू टीम के साथ बजाज मिल पहुंचे, लेकिन ताला न खुलने पर उन्होंने मिल गेट और गोदाम का ताला तुड़वाकर गोदाम में रखी चीनी नीलाम लेने वाले व्यापारियों को उठवाना शुरू कर दी। व्यापारी तीन ट्रक में करीब 640 बोरी चीनी लोड करा चुके थे इस बीच सूचना मिलने पर किसान मिल पहुंच गए और राजस्व की वसूली से पहले अपना बकाया भुगतान की मांग कर चीनी न उठाने का अनुरोध करने लगे। अनुरोध न मानने पर नाराज किसानों ने मिल गेट पर ताला जड़कर हंगामा शुरू कर दिया। किसानों का कहना था कि दीपावली का त्यौहार आ चुका है ऐसे में प्रशासन को चीनी बिकवाकर पहले किसानों का भुगतान कराना चाहिए। राजस्व वसूली के लिए मिल की जमीन को नीलाम किया जाना चाहिए। इस पर नायब तहसीलदार ने उठान बंद करा दिया साथ ही किसानों से डीएम वार्ता करने का सुझाव दिया।
मिल प्रबंधन ने लगाया जबरन चीनी उठाने का आरोप
मिल प्रबंधन ने आरोप लगाया है कि अवकाश होने के बावजूद राजस्व प्रशासन गलत तरीके से मिल में घुस गया और नियम विरुद्ध तरीके से गोदाम के ताले तोड़कर चीनी उठवा ली। कारखाना प्रबंधक प्रभात श्रीवास्तव एवं सीनियर मैनेजर गिरीश कुमार ने बताया कि गोदाम से कितनी चीनी उठाई गई इसकी न तो जानकारी दी गई और न ही कोई एक्साइड ड्यूटी अथवा इनव्याइस आदि कटवाई गई।
डीएम के निर्देश पर उठवाई चीनी
तहसीलदार नन्हेंलाल ने बताया नीलाम चीनी उठाने को कई दिन से प्रयास किए जा रहे थे लेकिन मिल प्रबंधन टाल मटोल कर रहा था। रविवार को भी नायब तहसीलदार गए थे जिस पर गेट नहीं खोला गया। सोमवार को डीएम के निर्देश पर नायब तहसीलदार को भेजकर चीनी उठवाई है। किसानों को डीएम से वार्ता का समय दिया गया है। यदि वार्ता नहीं हो पाती है तो मंगलवार को शेष चीनी भी उठवा ली जाएगी।