पीलीभीत। रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर 15 लाख की ठगी के मामले में आरोपी मो. मोहसिन की जमानत याचिका सत्र न्यायाधीश रवींद्र कुमार ने सुनवाई के बाद स्वीकार कर ली।
मो. इमरान ने सात फरवरी 2026 को सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई कि मोहल्ला भूरे खां निवासी मो. मोहसिन से उसके पांच-छह साल पुराने संबंध हैं। मोहसिन ने उससे रेलवे में नौकरी लगवाने के लिए 15 लाख रुपए मांगे। उसने मोहसिन के कहने पर एक लाख 89 हजार रुपए पंकज जायसवाल को दे दिए। नौकरी के लिए मोहसिन ने बकाया 13 लाख रुपये मांगे। इसके एवज में मोहसिन ने केजीएन काॅलोनी नंबर दो में स्थित उसके मकान की रजिस्ट्री अपने ससुर मो. नजम के नाम करवा ली। उसकी रेलवे में नौकरी न लगने पर उसने अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपी टाल मटोल करते रहे।
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी मोहसिन को इसी साल सात मार्च को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। मोहसिन की ओर दायर जमानत याचिका पर अभियोजन की ओर से अपराध को गंभीर प्रकृति का बताते हुए जमानत का विरोध किया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि जिस मकान की रजिस्ट्री मो. नजम के नाम कराने का उल्लेख किया है। उसमें 21 दिसम्बर 2022 की तिथि दर्शाई है, जबकि आरोपी के विरुद्ध मुकदमा चार साल बाद सात फरवरी 2026 को दर्ज कराया। उसे प्रकरण में झूठा फंसाया है। अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद एक लाख रुपये के निजी बंध पत्र और इतनी ही राशि के दो जमानती दाखिल करने पर जमानत याचिका को मंजूरी दे दी। संवाद