उप्र बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष एवं सदस्य अजय शुक्ला ने प्रदेश में अग्रिम जमानत की व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार बार काउंसिल की इस मांग पर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रही है।
उन्होंने कहा कि देश के कई प्रदेशों में अग्रिम जमानत की व्यवस्था है। अग्रिम जमानत लेना व्यक्ति का मौलिक अधिकार है। प्रदेश में इस अधिकार पर बेवजह रोक लगा दी गई है। सरकार ने सीआरपीसी की धारा 41 में संशोधन करके उप्र पुलिस को लूटखसोट का अधिकार दे दिया है।
उन्होंने कहा कि धारा 41 के संशोधन के बाद सात साल से कम सजा में सीधे तौर पर गिरफ्तारी का अधिकार समाप्त हो गया है। ऐसे में पुलिस मनमर्जी कर रही है और आर्थिक शोषण कर रही है। प्रदेश बार काउंसिल ने मांग की है कि अग्रिम जमानत की व्यवस्था बहाल की जाए ताकि नागरिकों का बेवजह उत्पीड़न न हो।