बिलसंडा (पीलीभीत)। जंगल से दूर बिलसंडा क्षेत्र के परेवा गांव के आसपास बाघ की दहशत लगातार जारी है। गुरुवार रात खेतों की ओर चहलकदमी कर रहा बाघ आबादी से आधा किमी दूर पहुंच गया। खेत पर धान की कटाई में जुटे किसानों की खेत से निकलकर मार्ग पर आए बाघ पर नजर पड़ी तो हड़कंप मच गया। शोर शराबा करने पर बाघ मार्ग पार कर आगे की ओर निकल गया। दहशत के चलते किसान गांव की ओर लौटे और सूचना वन विभाग को दी। शुक्रवार सुबह वनकर्मियों ने मौका मुआयना कर जानकारी जुटाई।
दियूरिया रेंज के जंगल से बाहर निकला बाघ पांच किमी दूर बिलसंडा के परेवा गांव के निकट पहुंच गया। पिछले 24 घंटे बाघ की गांव के आसपास मौजूदगी देखी जा रही है। इसके चलते ग्रामीणों में काफी दहशत कायम है। इधर गांव निवासी छोटे, संजय कुमार व उमाशंकर ने बताया कि गुरुवार रात करीब नौ बजे धान की कटाई करने के लिए आबादी से आधा किमी दूर खेत पर पहुंचे थे। कंबाइन से धान की कटाई करवा रहे थे। इसी बीच कुछ दूरी पर खेत से निकला बाघ मार्ग पर आ गया। बाघ पर नजर पड़ते ही हड़कंप मच गया। जैसे तैसे जान बचाने को सभी कंबाइन के ऊपर बैठ गए। जानकारी होने पर गांव के लोग ट्रैक्टर व पटाखे लेकर मौके पर पहुंचे गए। हालांकि बाघ मार्ग को पार कर आगे की ओर निकल गया। सूचना के बाद शुक्रवार सुबह क्षेत्रीय वनकर्मियों ने मौका मुआयना कर बाघ के पगचिह्न ट्रेस किए। वहीं पड़ोस के गांव के घर लौट रहे गांव के ही सर्वेश कुमार ने भी बाघ की चहलकदमी देखी।
ग्रामीणों ने बताया कि छह साल पूर्व भी बाघ की इलाके में चहलकदमी शुरू हुई थी। रोकथाम न होने पर बाघ ने पड़ोस के कारेभोज गांव निवासी गंगाराम को मौत की नींद सुला दिया था।
धान की कटाई करते समय बाघ मार्ग पर आ गया। गनीमत रही कि आसपास कई लोग मौजूद थे। शोर शराबे पर बाघ आगे की ओर निकल गया। लगातार गांव के बाघ की चहलकदमी देखी जा रही है। इसके चलते खतरा बढ़ता जा रहा है। - सर्वेश कुमार, चश्मदीद
सूचना के बाद वनकर्मियों को मौके पर भेजा गया था। बाघ की चहलकदमी को देखते हुए निगरानी बढ़ाई गई है। ग्रामीणों को भी सतर्क किया जा रहा है।
- बजीर हसन, रेंज, बीसलपुर