गभिया सहराई। इंडो-नेपाल बॉर्डर से सटे क्षेत्र में एक माह बाद बाघ की फिर चहलकदमी दिखी है। नौजल्हा गांव में बाघ के ग्रामीण के घर में जा घुसा। शोर-शराबे पर बाघ जंगल की ओर चला गया। वनकर्मियों ने पगचिह्न ट्रेस करने के बाद ग्रामीणों को सतर्क रहने को कहा है।
बॉर्डर क्षेत्र से सटे बंगाली बाहुल्य इलाके में करीब एक माह पूर्व बाघ ने दस्तक दी थी। हालांकि उसके बाद बाघ की कोई चहलकदमी नहीं देखी जा रही थी। इधर रविवार सुबह तड़के जंगल से निकलकर आया एक बाघ नौजल्हा गांव में शंकर विश्वास के घर में जा घुसा। कमरे के बाहर आहट होने पर परिवार वालों ने कमरे का दरवाजा खोलकर देखा तो उनके होश उड़ गए। कमरे के सामने बनी सीढ़ियों पर बाघ खड़ा हुआ था। इस पर परिवार वालों ने शोर शराबा करना शुरू कर दिया। ग्रामीणों के मुताबिक बाघ कुछ देर बाद ही मार्जनल बांध को पार कर जंगल की ओर चला गया। इसकी सूचना नौजल्हा वन चौकी पर दी गई। वन दरोगा रघुवीर सिंह रावत वनकर्मियों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पगचिह्न ट्रेस किए। वन दरोगा ने बताया कि सूचना पर टीम ने पगचिह्न ट्रेस किए गए हैं। ग्रामीणों को सतर्क करने को कहा गया है। कुछ वनकर्मियों को निगरानी के लिए भी लगाया गया है।