अमरिया। बाघों की जंगल क्षेत्र से बाहर निकलने का सिलसिला जारी है। बृहस्पतिवार सुबह बाघ गांव खली नवादा के करीब पहुंच गया। यहां फार्मर हरनन्दिर सिंह ने बाघ को खेतों में घूमते देखा तो उनके होश उड़ गए। वह अपने फार्म हाउस पहुंचे और लोगों को बाघ के बारे में बताया। वन कर्मियों ने मौका मुआयना कर पगचिह्न ट्रेस किए।
तहसील के आस-पास गांवों में पिछले सात सालों से बाघों की दहशत है। इस इलाके में बाघों का कुनबा बढ़ता जा रहा है। कहीं एक तो कहीं दो से तीन बाघों की चहलकदमी अक्सर देखी जाती है। ग्रामीण बाघों की रोकथाम करने के लिए कई बार आवाज उठाते रहे हैं। लेकिन उनकी आज तक नहीं सुनी गई। अब बाघों का कुनबा 25 किलो मीटर दायरे में चहलकदमी कर आबादी में भी पहुंचने लगे हैं। बृहस्पतिवार सुबह खलीनवादा से कुछ मीटर की दूरी पर बाघ दिखा। तबसे ग्रामीणों में दहशत है। वन विभाग के डिप्टी रेंजर देवेंद्र सिंह ने चेतन कुमार और कैलाश कुमार के साथ मौके पर पहुंचकर मौका मुआयना किया। डिप्टी रेंजर ने बताया कि बाघ की चहलकदमी को देखते हुए खलीनवादा की सीमा में निगरानी बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों को भी सतर्क रहने की अपील की गई है।