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Pilibhit News: आयुष्मान कार्ड किसी की संभल रही जिंदगी, कहीं भटक रहे लोग

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- जिले में 112123 आयुष्मान कार्ड, अब तक 35923 लोगों को मिला मुफ्त इलाज का लाभ
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- पोर्टल में तकनीकी बदलाव से कई माह से अटके 45 हजार लोगों के कार्ड
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। गंभीर बीमारी से ग्रस्त गरीबों को मुफ्त में निशुल्क इलाज मुहैया कराने के लिए सरकार की ओर से आयुष्मान भारत योजना लागू की गई। जनपद में हजारों ऐसे लोग हैं जिन्होंने आयुष्मान योजना का लाभ लेकर गंभीर बीमारियों को मात दी, लेकिन कई माह से पोर्टल पर तकनीकी समस्या होने से 45 हजार लोग कार्ड बनवाने के लिए भटकने को मजबूर हैं।
गरीब श्रेणी में आने वाले लोगों के लिए सरकार ने साल भर में पांच लाख रुपये तक का निशुल्क इलाज कराने की सुविधा आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत दी। इसके लिए आयुष्मान कार्ड होना जरूरी है। गरीबों को सुविधा पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयुष्मान मित्र रखे गए। इसके अलावा कार्ड में हेराफेरी रोकने के लिए टीम को निगरानी के लिए लगाया गया।
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आंकड़ों के अनुसार इस समय जनपद में 112123 आयुष्मान कार्ड धारक हैं। इनमें से अब तक 35937 कार्डधारक योजना का लाभ ले चुके हैं। इनमें से कई ऐसे लोग भी थे जो आर्थिक तंगी के साथ गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे। आयुष्मान कार्ड से निशुल्क इलाज पाकर वह ठीक हो गए।
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आयुष्मान योजना से बची मजदूर की जान
ललौरीखेड़ा ब्लॉक के पौटाकला गांव के मजदूर नफीस अहमद को ब्रेन ट्यूमर था। स्थिति काफी नाजुक हो गई थी। आर्थिक तंगी के चलते इलाज कराना मुश्किल था। आयुष्मान कार्ड बनने के बाद नफीस को बेहतर इलाज के बाद नई जिंदगी मिली। स्वास्थ्य अफसरों से मिलने पर उन्होंने राह बताई। बरेली के एक निजी अस्पताल में चार अगस्त 2021 को नफीस का आपरेशन हुआ। जिसके बाद वह ठीक हो गए।
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इन रोगों का नि:शुल्क इलाज
योजना के तहत कोरोना, कैंसर, गुर्दा रोग, हृदय रोग, डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया, डायलिसिस, घुटना व कूल्हा प्रत्यारोपण, नि:संतानता, मोतियाबिंद और अन्य चिह्नित गंभीर बीमारियों का नि:शुल्क उपचार किया जाता है।
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शहर के अस्पताल में न के बराबर मिल रहा लाभ
आयुष्मान योजना के तहत शहर के सात अस्पतालों को सूची में शामिल किया गया, लेकिन लोगों को इन अस्पतालों में इसका ज्यादा लाभ नहीं मिल पा रहा है। लोगों का कहना है कि आयुष्मान में शामिल अस्पताल मरीज को हायर सेंटर जाने की बात कहकर टाल देते हैं। अफसरों को भी कई बार शिकायत की गई है।
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45 हजार लोग कार्ड न बनने से परेशान
पोर्टल में बदलाव के चलते जनपद के करीब 45 हजार लोगों के कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। विभाग का दावा कि पूरे प्रदेश में यह समस्या है। ऐसे में कार्ड न बन पाने से कई लोग रुपयों के अभाव में बीमारी झेल रहे हैं।
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जनपद में आयुष्मान योजना के कार्ड धारकों को नियमानुसार लाभ मिल रहा है। पोर्टल में समस्या होने से कुछ कार्ड पैंडिंग हैं।
- डॉ. आलोक कुमार, सीएमओ
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