बीसलपुर। विभागीय अनदेखी से गांव रढ़ैता का आयुष्मान आरोग्य मंदिर सप्ताह में चार दिन बंद रहता है। इससे लोगों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। बीसलपुर सीएचसी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर के प्रभारी सुनील कुमार उपाध्याय करीब छह माह पूर्व घरेलू कारणों के चलते त्यागपत्र देकर चले गए थे। विभाग ने उनके स्थान पर नई नियुक्ति करने की बजाय गांव बौनी के आयुष्मान आरोग्य मंदिर के प्रभारी को यहां का अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया। नियमानुसार उन्हें तीन दिन बौनी में और तीन दिन यहां के आयुष्मान आरोग्य मंदिर में ड्यूटी करनी चाहिए, लेकिन वह ऐसा नहीं करते हैं।
इस वजह से आयुष्मान आरोग्य मंदिर से जुड़े गांवों के लोगों को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। उपचार कराने वाले मरीज यहां आते हैं और मायूस होकर लौट जाते हैं। ग्रामीणों के अनुसार यह आरोग्य मंदिर सप्ताह भर बंद रहता है, जबकि विभागीय अभिलेखों में सप्ताह में चार दिन बंद रहता है।
इन गांवों के लोगों को हो रही दिक्कत
शाहबाजपुर, खांडेपुर, नवदिया बलजीत, रमपुरा रना, चौखंडी, दौलतपुर हीरा, रढैता की करीब पांच हजार से अधिक की आबादी प्रभावित हो रही है। कई बार मांग के बाद भी यहां स्थायी तैनाती नहीं की गई।
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लंबे समय से आयुष्मान आरोग्य मंदिर बंद रहता है। वह इस संबंध में विभागीय अधिकारियों से कई बार मिल चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है।- मुकेश कुमार गुप्ता, ग्राम प्रधान
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गांव के आयुष्मान आरोग्य मंदिर में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी की नियुक्ति तत्काल होनी चाहिए। विभाग के उच्च अधिकारी इस मामले में जानबूझकर ढिलाई बरत रहे हैं।- शरद पाल सिंह, पूर्व प्रधान, खांडेपुर
वर्जन
विभाग के पास अभी सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की कमी है। व्यवस्था होते ही बहुत जल्द इस केंद्र पर भी स्थायी अधिकारी की नियुक्ति कर दी जाएगी। - डॉ. लेखराज गंगवार, अधीक्षक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीसलपुर
मुकेश गुप्ता।
मुकेश गुप्ता।