शहर के राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय में हो रहा हवन-पूजन स्रोत : महाविद्यालय
- फोटो : सत्यम सिंह की फाइल फोटो।
पीलीभीत। देश के प्राचीन आयुर्वेदिक कॉलेजों में शामिल पीलीभीत के ललित हरी राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय के पुरातन छात्र सम्मेलन का शुभारंभ शुक्रवार को हवन-पूजन के साथ हो गया। सम्मेलन महाविद्यालय के 125वें वर्ष में प्रवेश करने पर हो रहा है। सम्मेलन में कई कार्यक्रम होंगे।
पुरातन छात्र सम्मेलन कार्यक्रम आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. अनिल सक्सेना ने बताया कि शनिवार को एक बैंक्वेट हाल में विधिवत कार्यक्रम पूर्वाह्न 11 बजे से शुरू होंगे। इसमें परिचय सम्मेलन के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। 13 अप्रैल को आयुर्वेदिक कॉलेज के एकेडमिक ब्लॉक में यादों के झरोखों में संस्मरण कार्यक्रम होगा। शुक्रवार को छात्र कल्याण संघ ट्रस्ट की साधारण सभा हुई। इस दौरान हुए हवन-पूजन में कॉलेज प्राचार्य डॉ. एसएस वेदार और अन्य चिकित्सकों ने प्रतिभाग किया।
1899 में हुआ था आयुर्वेदिक कॉलेज का शुभारंभ
आयुर्वेदिक महाविद्यालय की शुरुआत 1899 में संस्कृत व आयुर्वेद ज्योतिष ज्ञान देने के लिए एक संस्थान के रूप में की गई थी। साहू ललिता प्रसाद और उनके छोटे भाई साहू हरि प्रसाद ने विद्यालय को जमीन दान दी थी। वर्ष 1939 में महाविद्यालय के प्रबंधन ने इसे आयुर्वेद महाविद्यालय बनाने का निर्णय लिया। वर्ष 1959 में महाविद्यालय में सरकारी प्रशासक की नियुक्ति की गई। वर्ष 1974 में इसको राज्य सरकार ने अपने अधीन ले लिया। आयुर्वेद महाविद्यालय में बीएएमएस की 63 व एमडी की 8 सीटें हैं।