पीलीभीत। बाघ और तेंदुए समेत अन्य वन्यजीवों के लगातार आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंचने और मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं को लेकर प्रशासन ने अब व्यापक कार्ययोजना तैयार की है।
शासन के निर्देश पर डीएम ज्ञानेन्द्र सिंह ने वन विभाग, पुलिस, पंचायती राज, शिक्षा, कृषि, पशुपालन और बिजली समेत सभी संबंधित विभागों को समन्वय बनाकर तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील गांवों में जागरूकता अभियान चलाने के साथ ही रात में गश्त, सूचना तंत्र और निगरानी व्यवस्था मजबूत की जाएगी। पीटीआर में बाघ और तेंदुए की चहलकदमी में लगातार इजाफा हो रहा है। इससे जंगल के बाहर भी लगातार सक्रियता बढ़ रही है। मानव वन्यजीव संघर्ष की स्थिति भी बन रही है। इसको रोकने के लिए प्रशासन गंभीर हुआ है। इसके लिए डीएम ने ग्राम विकास और पंचायती राज विभाग को मानव-वन्यजीव संघर्ष से प्रभावित गांवों में बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। इन बैठकों में ग्राम प्रधान, स्वयं सहायता समूह, बाघ मित्र और धार्मिक प्रमुखों को शामिल कर ग्रामीणों तक बचाव के उपाय पहुंचाए जाएंगे।
लोगों को बच्चों को अकेले न छोड़ने और सूर्यास्त के बाद उन्हें बाहर न खेलने देने की सलाह दी जाएगी। बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने के दौरान किसी वयस्क के साथ रहने के लिए भी जागरूक किया जाएगा। संवाद