गांव चंदिया हजारा में कटान का निरीक्षण करने पहुंचे सहायक अभियंता बाढ़।
पूरनपुर। शारदा नदी से गांव चंदिया हजारा और राहुलनगर के समीप हो रहे कटान का सहायक अभियंता (बाढ) ने बुधवार को निरीक्षण किया। कटान रोकने की मांग पर उन्होंने कहा कि वह तार दे देंगे, तारों से पेड़ों बांधकर कटान रोकने का काम किसान खुद कर लें। किसानों ने पेड़ों के नदी में बह जाने की बात कही तो सहायक अभियंता ने झाड़ियां बंधवाने को कह दिया। बात न बनने पर उन्होंने ग्राम प्रधान को बृहस्पतिवार को जिला मुख्यालय बुलाया है।
जंगल की जमीन को काटती हुई शारदा नदी तेजी से खेतों की ओर बढ़ रही है। नदी की धार खेतों से 20 कदम दूरी पर रह गई है। कटान रोकने को पिछले साल गांव चंदिया हजारा और राहुलनगर के महिला-पुरुषों ने श्रमदान किया था। श्रमदान के दौरान तारों से जंगल के पेड़ों को आपस में बांधने के साथ झाडिय़ों को तार से बांधा गया था। कई पेड़ों की टहनियों को काटकर नदी किनारे डाला गया। इसके बाद भी कई एकड़ जमीन नदी में समा गई थी। इस बार फिर शुरू हुए कटान पर गांव के लोग चिंतित हैं।
बुधवार को सहायक अभियंता (बाढ़) ध्रुव नरायण कटान का जायजा लेने पहुंचे। एकत्र हुए गांव के लोगों और ग्राम प्रधान वासुदेव कुंडू ने कटान रोकने की कोशिश न होने पर इस बार भारी तबाही होने की जानकारी उनको दी। प्रधान ने बताया कि सहायक अभियंता ने पेड़, झाडिय़ों को काटकर नदी किनारे डालने को कहा। तब लोगों का कहना था कि नदी किनारे डाले गए पेड़ तो पहले ही बह चुके हैं। आसपास के पेड़ काटने पर वन विभाग के अफसर कार्रवाई कर देगे।
इस पर सहायक अभियंता ने तार की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया और कहा कि झाडिय़ों को श्रमदान कर बांधें। ताकि कटान थम जाए। गांव चंदिया हजारा, राहुलनगर को बचाने को एक किलोमीटर में काम होने और इतना काम एक साथ संभव न होने की जानकारी सहायक अभियंता ने दी। प्रधान ने बताया कि सहायक अभियंता समस्या ने समस्या को लेकर बृृहस्पतिवार को जिला मुख्यालय यह कहकर बुलाया है कि बरेली से भी अफसरों को समस्या के समाधान को बुलाया जाएगा। ग्राम प्रधान ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। जलस्तर कम होने पर नदी कटान कर तबाही मचाती है।