सीएचसी के एमओआईसी डॉ. मोहम्मद असलम ने बताया कि आशाओं का कार्य टीकाकरण कराना, स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव के लिए प्रेरित करना, परिवार नियोजन की सलाह देना आदि है। सीएचसी में तैनात 389 आशाओं में 88 आशाओं ने दो साल से कोई कार्य नहीं किया। इस पर उनकी सेवाएं समाप्त कर संस्तुति के लिए प्रधानों को भेज दिया गया है।
उन्होंने बताया कि 51 आशाओं ने कई माह से कोई कार्य नहीं किया है। उन्हें दिसंबर माह में नोटिस जारी कर सेवा समाप्ति की चेतावनी दी गई थी। नोटिस के बाद 30 आशाओं को प्रधानों की संस्तुति पर एक माह का सुधार को समय दिया गया है। शेष 21 आशाओं को फिर नोटिस जारी कर स्थिति सुधारने की चेतावनी दी गई है। उन्होंने बताया कि मार्च माह के अंत तक उक्त आशाओं के कार्य में सुधार न होने पर उनकी भी सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी।