मो. अराज के पिता नसीम अहमद ने कॉलेज के प्रिंसिपल और प्रबंधक पर फीस जमा न करने पर उसे पीटकर मार डालने का आरोप लगाया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे छात्र के शव को गमगीन माहौल में गांव के कब्रिस्तान पर दफन कर दिया गया। कब्रिस्तान से वापस लौटते समय गुस्साए लोगों ने अमखेड़ा-डांग मार्ग पर जाम लगा दिया और प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।
प्रदर्शन करने वालों में इश्तिखार अहमद, तौफीक अहमद, शकील अहमद, मोहम्मद जावेद, जाकिर, मोहम्मद जीशान, मोहम्मद शाकिर, आफाक, मोहम्मद अफरोज, मोहम्मद इस्लाम सहित तमाम लोग शामिल थे।
हर आंख थी नम हर चेहरे पर मातम भाव
परेवावैश्य। छात्र अराज की मौत के जनाजे में शामिल ग्रामीणों की आंखें नम थीं और हर चेहरे पर मातम का भाव झलक रहा था। छात्र का शव घर पहुंचने पर घर वालों में चीखपुकार मच गई।
अमखेड़ा गांव से करीब 20 बच्चे पिपरानानकार स्थित डीएसआर कॉलेज में पढ़ने जाते हैं। जब गांव निवासी छात्र अराज की पिटाई से मौत की खबर ग्रामीणों को मिली तो गांव में मातमी सन्नाटा छा गया। बरेली में पोस्टमार्टम होने के बाद मंगलवार की भोर करीब चार बजे छात्र का शव घर पहुंचा तो घर वालों में चीख-पुकार मच गई। छात्र की मौत और घर वालों का विलाप देख हरेक व्यक्ति की आंखें नम थीं। कॉलेज पढ़ने जाने वाले अन्य छात्रों के अभिभावकों अब्दुल शाहिद, नईम अहमद, मोहम्मद जामिंल, रफीक अहमद आदि में रोष है। उनका कहना है कि वे लोग अपने बच्चों को स्कूल तब भेजेंगे, जब अराज की मौत के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी होगी।
दो अन्य बच्चों का भविष्य भी दांव पर
अमखेड़ा निवासी नसीम अहमद का छोटा बेटा अराज तो दुनिया से चला गया। वह जिस स्कूल में पढ़ता था, उसी स्कूल में उनके दो अन्य बच्चे पुत्र आजम (9) और पुत्री जीनम (11) भी पढ़ते हैं। नसीम इन दोनों बच्चों को उस स्कूल में भेजना नहीं चाहते। दोनों बच्चे भी इस हादसे से इतना डरे हैं कि वह स्कूल जाने को तैयार नहीं हैं।