पुलिस ने नामजद हत्यारोपी को गिरफ्तार कर आला कत्ल बरामद करने का दावा किया है।
गांव हुसैनापुर के पंडित राधेश्याम अग्निहोत्री की रविवार को उनके पुत्र राकेश अग्निहोत्री ने उस समय गोली मारकर हत्या कर दी थी, जब वे मोहल्ला करीमगंज में घर के बाहर टहल रहे थे। राधेश्याम अग्निहोत्री की विवाहिता पुत्री रूपरानी ने अपने भाई राकेश अग्निहोत्री के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बृहस्पतिवार को पुलिस ने हत्यारोपी को रेलवे स्टेशन के समीप से उस समय गिरफ्तार कर लिया, जब वह ट्रेन से कहीं बाहर जाने को रेलवे स्टेशन जा रहा था। इंस्पेक्टर धर्मपाल सिंह ने बताया कि राकेश घटना के दिन बीटेक कर रही पुत्री की फीस के लिए 50 हजार और 10 हजार रुपये अपने खर्च के लिए मांगने आया था। राधेश्याम उसे पचास हजार रुपये का चेक देने को तैयार थे, लेकिन इस दौरान रूपरानी ने पिता को रुपये देने से मना कर दिया। पुत्री के मना करने पर राधेश्याम ने राकेश को रुपये देने से मना कर दिया और घर के बाहर टहलने लगे थे। रुपये न मिलने से क्षुब्ध राकेश ने पिता की पीठ में गोली मार दी थी।
पुलिस के अनुसार हत्यारोपी के निशानदेही पर नगर के एक स्थान से हत्या मेें प्रयुक्त किया गया 315 बोर का तमंचा, खोखा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया है। हत्यारोपी राकेश अग्निहोत्री ने पुलिस हिरासत के दौरान बताया कि उसके पिता सोमवार को उसके नाम भूमि कराने वाले थे, हत्या का आरोप उस पर झूठा लगाया जा रहा हैै। उसके पिता की हत्या उसके करीबियों ने साजिशन की है।