पीलीभीत। धान की फसल का सर्वे करने के दौरान हुई मनमानी का खामियाजा अब किसानोें को पंजीकरण के दौरान भुगतना पड़ रहा है। सर्वे में इस बार धान का उत्पादन कम दिखाया गया। इसके चलते मौके पर धान अधिक होने के बाद भी पोर्टल पर किसानों की संख्या कम दिखाई गई है। इसको लेकर किसान परेशान हैं और वह पंजीकरण नहीं करा रहे हैं।
पिछले वर्ष कृषि विभाग की ओर से सर्वे किया गया था। सर्वे के बाद रिपोर्ट में जिले में प्रति हेक्टेयर उत्पादन 38 क्विंटल दिखाया गया। इसी के आधार पर जिले में धान की खरीद शुरू की गई।
किसानाें ने जब पंजीकरण कराया तो पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 50 से 70 क्विंटल कम उत्पादन दर्ज था। इसको लेकर किसान पंजीकरण कराने से अब पीछे हटने लगे हैं। ऐसे में जिले में पंजीकरण का काम तेजी नहीं पकड़ पा रहा है। इसको लेकर डिप्टी आएमओ विजय कुमार ने बताया कि कृषि विभाग की ओर से क्राप कटिंग की गई थी। गड़बड़ कहां हुई है इसको लेकर उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया गया है।
किसान नेता बोले- खेत पर सर्वे के बाद कराएं पंजीकरण
भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के युवा जिलाध्यक्ष गुरदीप सिंह गोगी ने बताया कि पिछले वर्ष उनका उत्पादन 217 क्विंटल था। इस बार 170 क्विंटल दिखाया जा रहा है। ऐसे में यदि इस उत्पादन पर पंजीकरण करा लिया जाए तो शेष धान परेशानी का सबब बनेगा। इसको लेकर जिलाधिकारी से वार्ता की गई। जिलाधिकारी से खेत पर टीम को भेजकर सर्वे कराने और उसके बाद उत्पादन के आधार पर पंजीकरण कराने की मांग की गई है।