पूरनपुर। राष्ट्रीय वन्य जीव बोर्ड की बैठक में गांव चंदिया हजारा के समीप शारदा नदी में चैनलाइजेशन की स्वीकृति मिल गई है। इससे नदी की धार सीधी और गहरी होने से क्षेत्र में बाढ़ और कटान से निजाद मिल जाएगी। इसकी जानकारी पर गांव चंदिया हजारा और आसपास के गांव में काफी खुशी है। उधर, गांव चंदिया हजारा में चल रही बेमियादी क्रमिक भूख हड़ताल 95वें दिन भी जारी रही। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक अन्य समस्याओं को समाधान नहीं होगा तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
गांव चंदिया हजारा के समीप चैनलाइजेशन को करीब चार साल पहले स्वीकृति मिलने और बजट पास होने के बाद चैनलाइजेशन के लिए मशीनें शारदा नदी तट पर आ गईं थीं। मगर वन विभाग की आपत्ति पर मशीनों को वापस कर दिया गया था। तब से गांव चंदिया हजारा, राहुलनगर, कॉलोनी नंबर छह के लोग चैनलाइजेशन की मांग कर रहे है।
शारदा नदी की बाढ़ ने इस बार गांव चंदिया हजारा, राहुलनगर, कॉलोनी नंबर छह में जमकर तबाही मचाई। 52 किसानों की 200 एकड़ जमीन पर लहलहा रही फसलें नदी में समा गईं थीं। कई दिन तक आबादी में जलभराव होने से लोगों को भारी असुविधा हुई। कई कच्चे घर क्षतिग्रस्त हो गए थे। चैनलाइजेशन कराने, बाढ़ से हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने, बाढ़, कटान से बचाने को जियो बैग लगाकर ठोकर बनवाने आदि की मांग को लेकर 84 दिन पहले गांव चंदिया हजारा में बेमियादी क्रमिक भूख हड़ताल शुरू की गई थी, जो बृहस्पतिवार को 95 दिन भी जारी रही।
बृहस्पतिवार को क्रमिक भूख हड़ताल पर रेखा मंडल, सुनिता मलिक, ऊषा मंडल, लक्ष्मी सरकार, जमुना सरकार, गंगाव मिस्त्री, सुनाली मंडल, सोहनी मंडल, ज्योति मंडल, जिया विश्वास, राज मंडल, शुलभ मंडल, रितिश मंडल, टीना मलिक, रोशन मंडल बैठीं।
ग्राम प्रधान बासुदेव कुंडू ने बताया कि राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति की बैठक में प्रस्ताव पास होने के बाद चैनलाइजेशन को स्वीकृति मिल गई है। इससे अब शीघ्र ही चैनलाइजेशन का कार्य शुरू होगा। उन्होंने बताया कि बाढ़ और कटान से बचाने को जियो बैग लगाकर ठोकर बनाने आदि की मांग भी शीघ्र पूरी होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों का एक प्रतिनिधि मंडल बुधवार को दिल्ली आया था। दिल्ली से लौटने और अन्य समस्याओं के समाधान के बाद ही आंदोलन को लेकर निर्णय लिया जाएगा। एसडीएम राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि चैनलाइजेशन की स्वीकृति मिलने की जानकारी उनको कुछ लोगों ने दी है। मगर, अभी इसका अभी कोई आदेश नहीं मिला है।
चैनलाइजेशन से यह होंगे फायदे
चैनलाइजेशन मतलब नदी के चैनलों को सीधा और गहरा करना। नदी की धार सीधी और गहरी होने से क्षेत्र में बाढ़ और कटान का खतरा कम हो जाएगा। पुराने बहाव में नदी बहने लगेगी। नदी वर्तमान में चंदिया हजारा के समीप तीन धारों में बह रही है। चैनलाइजेशन से नदी की एक धार हो जाएगी, जो गहरी होगी। धार के दोनों ओर नदी से निकली रेत का ढेर रहेगा।