छात्राओं और महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने के लिए शुरू की गई एंटी रोमिया स्क्वाड मुहिम औपचारिकताओं में सिमटती दिखाई दे रही है। कार्रवाई करने के लिए बनाई गई टीमें वाहनों के चालान करने तक सीमित हैं। स्कूल, कॉलेज और भीड़ वाले इलाकों में ठोस कदम नहीं उठाए जा सके हैं।
मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने शोहदों से निपटने के लिए जिला स्तर पर एंटी रोमियो स्क्वाड का गठन कर कार्रवाई के निर्देश दिए। जिले में भी अफसरों ने इसका पालन कराते हुए कार्रवाई की शुरूआत की। कुछ दिनों तक सब ठीक-ठाक चलता रहा। इधर एसपी कलानिधि नैथानी ने जिला स्तर पर शक्ति टीम का गठन कर शोहदों पर शिकंजा कसने की कमान सौंपी। इसको महिला स्कूल, कॉलेज और भीड़ वाले इलाकों में छेड़छाड़ करने वालों पर कार्रवाई के लिए लगाया गया। लेकिन समय बढ़ने के साथ ही कार्रवाई औपचारिकता में सिमटती चली गई। शोहदों पर कार्रवाई करने के नाम पर टीम वाहनों का चालान कर रही हैै। सड़कों पर फब्तियां कसने वालों पर कड़ाई करने काम नहीं हो सका है। खुद पुलिस के आंकड़े हकीकत को बयान करने के लिए काफी है। यह आलम तब है जब जनपद में एक महिला थाना भी है। हालांकि अफसर बंदोबस्त को सख्त और स्कूल-कॉलेजों के आसपास सख्त निगरानी का दावा करते हुए कार्रवाई को संतोषजनक बता रहे हैं।
शक्ति टीम कॉलेजों व भीड़ वाले इलाकों में गश्त पर रहती है। कई लोगों पर कार्रवाई भी की गई है। इसके अलावा बाइकर्स को चेतावनी दी जाती है। शोहदों पर शिकंजा कसने को सख्ती बरती जा रही है।
कलानिधि नैथानी, एसपी