अनशन के दौरान तबियत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराए गए प्रधान एवं ग्रामीणों ने रविवार को अस्पताल की ओर से भेजा गया दूध और खाना वापस कर दिया। वहीं शनिवार रात एसडीएम सदर ने अस्पताल पहुंचकर समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रधान नहीं मान।
गांव के विकास कार्यों में गड़बड़ी का आरोप लगाकर प्रशासन ने ललौरीखेड़ा ब्लाक की ग्राम पंचायत गोंछ के प्रधान श्यामलाल के वित्तीय अधिकार सीज कर दिए थे। इसके विरोध में प्रधान एवं ग्रामीणों ने दो मार्च से विकास भवन में अनशन शुरू किया था। अनशन के दौरान शुक्रवार शाम को तबियत बिगड़ने पर प्रधान एवं नौ ग्रामीणों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था जबकि चार ग्रामीण अनशन स्थल पर बैठे रहे। शनिवार रात चारों को भी जिला अस्पताल भेज दिया गया।
रात को एसडीएम सदर रामप्रकाश ने कोतवाल अतुल प्रधान के साथ जिला अस्पताल पहुंचकर ग्राम प्रधान से वार्ता की लेकिन प्रधान अधिकार बहाल होने से पहले अनशन खत्म करने को तैयार नहीं हुए। रविवार को सुबह अनशनकारियों ने अस्पताल के दूध और खाना लेने से मना कर दिया।