चुर्रासकतपुर। अनदेखी के चलते कस्बे का पशु सेवा केंद्र पिछले तीन वर्षों से बंद पड़ा है। इससे पशुपालकों को अपने बीमार पशुओं का उपचार कराने में दिक्कतें हो रही हैं। एक ही कर्मचारी पर दो जगह का चार्ज होने की वजह से दिक्कत आ रही है।
पशु सेवा केंद्र के प्रभारी रामचंद्र लाल तीन वर्ष पूर्व सेवानिवृत हो गए थे। विभाग ने अब तक उनके स्थान पर नए प्रभारी की नियुक्ति नहीं की है। काम चलाऊ व्यवस्था के तहत चंद्रपुरा पशु सेवा केंद्र के प्रभारी को ही इस केंद्र का अतिरिक्त कार्यभार सौंप रखा है।
नियमानुसार सप्ताह में उन्हें तीन दिन चंद्रपुरा और तीन दिन चुर्रासकतपुर में बैठना चाहिए। मगर, वह चुर्रासकतपुर कभी-कभार ही आते हैं। इसका खामियाजा पशुपालकों को भुगतना पड़ रहा है। मोहम्मदपुर, रसूला, चुटकुना, मंडरा सुमन, कंधरापुर, मीरपुर वाहनपुर, भंवरूआ, महादेवा अभयपुरचेना, भगवंतपुर करोड़, राजुपुर मलकपुर, शायर, भैंसटा जलालपुर, पटनिया आदि गांव के पशुपालकों को दिक्कत होती है।
लंबे समय से भवन बंद पड़ा होने की वजह से यह बदहाल होता जा रहा है। यहां दिनभर असामाजिक तत्व जमावड़ा लगाए रहते हैं।
इस पशु सेवा केंद्र में प्रभारी की नियुक्ति तत्काल होना बहुत जरूरी है, ताकि पशुपालकों को सुविधा मिल सके। - सौरभ शर्मा,पशु पालक
पशुपालन विभाग के उच्च अधिकारी इस सेवा केंद्र में प्रभारी की नियुक्ति जानबूझकर नहीं कर रहे हैं। इससे पशुपालकों को दिक्कत हो रही है। - पूरनलाल पशुपालक
वर्जन:
मामला संज्ञान में है। पशु सेवा केंद्र में स्थाई प्रभारी की नियुक्ति करने के संबंध में मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी को पत्र भेजा जाएगा।- नागेंद्र पांडेय, एसडीएम बीसलपुर
बीसलपुर के गांव चुर्रा का बंद पड़ा पशु सेवा केंद्र।संवाद
बीसलपुर के गांव चुर्रा का बंद पड़ा पशु सेवा केंद्र।संवाद