कस्बा में 12 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की तैनाती है। जिसके अनुसार 12 आंगनबाड़ी केंद्र भवन होने चाहिए। करीब पांच साल पहले तीन आंगनबाड़ी केंद्र भवन पजाबा गांव में जबकि चार शेरपुरकलां में पीएचसी परिसर में बनाए गए थे। इसमें से करीब तीन साल पहले पजाबा में बनाया गया एक भवन टूट चुका है शेष में आंगनबाड़ी केंद्र न लगने से यह सफेद हाथी साबित हो रहे हैं। इसके चलते बच्चों और कार्यकत्रियों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का तर्क है कि आंगनबाड़ी केंद्र भवन आबादी से दूर बनाए गए हैं। जहां अभिभावक अपने बच्चों को भेजना नहीं चाहते। इसको लेकर आबादी में निजी व्यवस्था कर केंद्र चलाए जा रहे है।
सुपरवाइजर आशा ने कहा कि कार्यकत्रियों से निर्मित भवन में ही केंद्र संचालन को कहा गया है। भवन में ही केंद्र चलने की उन्हें जानकारी है। अगर कहीं अन्य स्थान पर केंद्र चलता पाया गया तो कार्यकत्रियों से जवाब तलब किया जाएगा।