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Pilibhit News: बढ़ रही महिलाओं में खून की कमी

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पीलीभीत। किशोरावस्था से ही खानपान पर ध्यान नहीं देते हुए पौषिक आहार व आयरनयुक्त सेवन की कमी से महिलाओं में खून की कमी की शिकायतें बढ़ जाती हैं। जनवरी माह के जिला महिला अस्पताल के आंकड़े बतातें है कि महिलाओं की कुल हिमोग्लोबिन (खून की जांच) में 55 प्रतिशत महिलाओं में खून की कमी देखी गई है। वहीं लगभग 2.3 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया की शिकार तक हुई हैं।
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किशोरावस्था (मासिक शुरू होने का समय) के कारण शुरू से ही महिलाओं में खून की कमी होती है। इन दिनों से ही महिलाओं को खानपान में बदलाव की जरूरत होती है। इसमें हरी सब्जियां खाना, दूध, मेवे, फल, गुड़ आदि महिलाओं के लिए आवश्यक होती है, लेकिन परिजनों को ध्यान नहीं देना व शादी ब्याह के बाद घरेलू कामकाजों में महिलाओं के खानपान पर ध्यान नहीं देने के चलते महिलाओं में खून की कमी बढ़ जाती है। गर्भावस्था में भी खून की कमी से महिलाओं को दिक्कतें होती हैं। इन्हीं कारणों से महिलाओं में खून की कमी तेजी से बढ़ रही है। संवाद


1205 हिमोग्लोबिन जांच में 669 में खून की कमी
एक जनवरी से 31 जनवरी तक एमसीएच विंग में हीमोग्लोबिन जांच में 1205 महिलाओं को शामिल किया गया। जांच के दौरान 28 महिलाओं का हीमोग्लोबिन स्तर मात्र 6 ग्राम प्रति डेसीलीटर पाया गया, जो गंभीर एनीमिया की श्रेणी में आता है। वहीं, 669 महिलाओं में खून 7-10.9 डेसीलीटर पाया गया, जो कि खून की कमी की शुरुआत होती है, जो कुल जांच की करीब 55.52 प्रतिशत है।
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गायनी चिकित्सक की सलाह
जिला महिला अस्पताल की गायनी चिकित्सक डॉ. रूपल खरे ने बताया कि किशोरावस्था में मासिक शुरू होने से ही महिलाओं के खानपान में बदलाव होना चाहिए। उनको पौषक व आयरनयुक्त आहार मिलने चाहिए। इससे शरीर में खून की कमी न हो। वहीं, गर्भावस्था में इसी आहार की जरूरत अधिक हो जाती है।
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