सूफी ख्वाजा अहमद हुसैन के चल रहे सालाना उर्से पाक के तीसरे दिन कुलशरीफ की रस्म अदा की गई, जिसमें अकीदतमंदों ने हाथ उठाकर मुल्क और कौम की तरक्की के लिए दुआ फरमाई।
कस्बा स्थित सूफी ख्वाजा अहमद हुसैन की दरगाह पर आठ अप्रैल से चार दिनी सालाना उर्स का आगाज कुरानख्वानी के साथ हुआ था। उर्स के दूसरे दिन चादरपोशी और कव्वाली का प्रोग्राम हुआ, जिसमें कव्वाल सोहराव साबरी ने कव्वालियां पेश कर समा बांधा। इसके अलावा रविवार को दोपहर 12 बजे कुलशरीफ की रस्म अदा की गई। मौलाना हिसामुद्दीन ने फातिहा दिलाई। सज्जादानशीन सूफी अब्दुल्ला मियां ने मुल्क व कौम की तरक्की के लिए दुआ फरमाई। इस मौके पर सूफी मोहम्मद हुसैन, रफीक हुसैन, शफीक हुसैन, रहीस मियां, ताहिर मियां, महबूब मियां, हसन रजा समेत तमाम अकीदतमंद मौजूद रहे। सज्जादानशीन ने बताया कि उर्से पाक का सोमवार को संदल शरीफ के साथ समापन होगा।