मेधावियों को लैपटॉप वितरण के लिए ड्रमंड कॉलेज में बुलाया गया। यहां रविवार देर रात तक हंगामा हुआ। बात बढ़ने पर पुलिस को बुलाया गया लेकिन कई विद्यार्थियों को बैरंग लौटना पड़ा। खास बात यह रही कि सुबह 11 बजे से कॉलेज पहुंचे विद्यार्थियों को रात 10 बजे तक खाना तो दूर पानी तक नसीब नहीं हुआ।
अखिलेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का जिले में किस तरह मजाक उड़ाया जा रहा है इसका नमूना रविवार को देखने को मिला। डीआईओएस कार्यालय की ओर से ड्रमंड राजकीय इंटर कॉलेज में रविवार को लैपटाप वितरण कार्यक्रम रखा गया था। इसके लिए जिले भर के कॉलेजों से विद्यार्थी आए। चार बजे लैपटॉप का वितरण किया गया। इस बीच मेधावियों, अभिभावकों अथवा अध्यापकों को यह भी नहीं बताया गया कि कितने लैपटॉप बंटने हैं और इनकी मेरिट क्या होगी। इसकी वजह से राज्यमंत्री के जाने के बाद कार्यक्रम में अव्यवस्था फैल गई। सूची में नाम होते हुए भी बच्चों को लैपटॉप नहीं मिल सका। इसे लेकर जमकर हंगामा हुआ। स्थिति तब और बिगड़ गई जब अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे लैपटॉप का वितरण न कर उन्हें वापस गाड़ी में रखना शुरू कर दिया। हालात बिगड़ते देख पुलिस बुलानी पड़ी।
लैपटॉप पाने को कई अपात्र भी पहुंच गए थे जो नेताओं की सिफारिश कराकर लैपटॉप हासिल करना चाह रहे थे। उन्हीं के चलते दिक्कत हुई। वंचित छात्रों की सूची बनाकर विद्यालयों में भेजी जा रही है। सभी पात्रों को लैपटॉप दिया जाएगा। जहां तक व्यवस्था का सवाल है इस कार्यक्रम के लिए शासन से कोई धनाराशि नहीं मिली है। अपनी जेब से व्यवस्था नहीं की जा सकती।
- अनिल कुमार मिश्र, डीआईओएस